Ranchi : भगवान शिव के प्रिय माह सावन की शुरुआत इस वर्ष 11 जुलाई 2024 से हो रही है। 10 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा है, और इसके अगले दिन श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से सावन आरंभ होगा। इस बार सावन का आरंभ गुरु आदित्य योग जैसे शुभ संयोग में हो रहा है, जिससे इस माह की पवित्रता और भी बढ़ जाती है।
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पंडित मनोज पांडेय ने बताया कि इस वर्ष सावन में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं। पहला सोमवार व्रत 14 जुलाई, दूसरा 21 जुलाई, तीसरा 28 जुलाई और चौथा तथा अंतिम सावन सोमवार व्रत 4 अगस्त को रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार सावन में सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, और शिव योग जैसे कई शुभ योग बन रहे हैं, जो शिव भक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।
सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु महादेव का अभिषेक करते हैं, जिसमें जल, दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, गंगाजल और गन्ना रस से भगवान शिव को स्नान कराया जाता है। इसके बाद बेलपत्र, दूब, कुश, कमल, नीलकमल, मदार, जंवाफूल, कनेर और राई के फूल अर्पित किए जाते हैं। साथ ही भोग के रूप में धतूरा, भांग और नारियल (श्रीफल) चढ़ाया जाता है।
सावन के दौरान कई धार्मिक व्रत और पर्व भी पड़ते हैं जो इस माह की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाते हैं। इनमें हरियाली अमावस्या, हरियाली तीज, नाग पंचमी, कामिका एकादशी, सावन पुत्रदा एकादशी, रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा शामिल हैं। इस वर्ष 9 अगस्त को रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा के साथ सावन माह का समापन आयुष्मान और सौभाग्य योग में होगा।
पंडितों के अनुसार, सावन में की गई पूजा और व्रत से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। विशेष रूप से सोमवार के दिन शिव की आराधना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

