Ranchi : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की आम सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में विज्ञान, तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को मजबूत करने तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार-उन्मुख वातावरण विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में राज्य के समग्र विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, प्राकृतिक संसाधन और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल इन्हें सही दिशा, उपयुक्त मंच और संस्थागत सहयोग देने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य-उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित पहलें राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी और झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ाएंगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए और उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, नवाचार तथा तकनीक-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, शोध को प्रोत्साहन, नवाचार संस्कृति के विस्तार और शैक्षणिक संस्थानों व शोध संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इसका संचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी और आम लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में तकनीक और यांत्रिक नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे कृषि कार्य अधिक आधुनिक और उत्पादक बन सकें तथा किसानों को सीधा लाभ मिले।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी को केवल आकर्षण का केंद्र नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लिए ज्ञान और प्रेरणा का माध्यम बनाया जाए। उन्होंने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस सेंटर और तारामंडलों की गुणवत्ता एवं समयबद्ध विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को देश के प्रमुख साइंस सिटी और तारामंडलों के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजने की पहल पर भी जोर दिया, ताकि बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार के प्रति रुचि बढ़े।
बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक विकास मुंडा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक सुनील कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



