Washington/Ahmedabad : पिछले महीने 12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ के 32 सेकंड के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 को लेकर एक नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, विमान के ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग में इस बात के संकेत मिले हैं कि विमान के वरिष्ठ कैप्टन ने खुद ही दोनों इंजनों का ईंधन प्रवाह बंद कर दिया था, जिससे यह भीषण दुर्घटना हुई।
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इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विमानन जगत और प्रशासन में हलचल मच गई है। अमेरिकी अधिकारियों और जांच से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि विमान के दोनों पायलटों—कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर—के बीच हुई बातचीत ब्लैक बॉक्स में दर्ज है। इसमें स्पष्ट है कि टेकऑफ के तुरंत बाद फर्स्ट ऑफिसर ने कैप्टन से पूछा कि उन्होंने स्विच ‘कटऑफ’ पोजिशन में क्यों रखा, जो ईंधन प्रवाह को बंद कर देता है।
दोनों पायलट अनुभवी थे—जहां कैप्टन सुमीत के पास 15,638 घंटे का उड़ान अनुभव था, वहीं क्लाइव कुंदर ने 3,403 घंटे उड़ान भरी थी। इसके बावजूद कॉकपिट में संवाद की भ्रमपूर्ण स्थिति और फैसले में त्रुटि ने 260 लोगों की जान ले ली।
भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), एयर इंडिया और बोइंग ने अब तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इससे पहले भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में इस बात की आशंका जताई थी कि टेक्निकल या मानवीय चूक के चलते यह हादसा हुआ।
इस खुलासे से जांच की दिशा अब पायलट की भूमिका और ट्रेनिंग की ओर मुड़ गई है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन कटऑफ स्विच जानबूझकर बंद किया गया था, तो यह एक गंभीर लापरवाही है और इससे भविष्य में एयरलाइन सुरक्षा को लेकर नए मानदंड तय हो सकते हैं।
देश-दुनिया की नज़रें अब AAIB की फाइनल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस भीषण हादसे के पीछे असली वजह क्या थी।

