मुकेश रंजन
Ranchi : दिवंगत डॉ. आरके मिश्र द्वारा रचित ‘श्री नवदुर्गा सप्तशती’ का मैथिली अनुवाद प्रकाशित हुआ। पुस्तक का विमोचन उनकी धर्मपत्नी आनंदमुखी मिश्र और सहलेखिका मुनीता मिश्र ने संयुक्त रूप से किया।
मुनीता मिश्र ने बताया कि डॉ. मिश्र की इच्छा इस धार्मिक ग्रंथ का मैथिली में अनुवाद कराने की थी, लेकिन उनके आकस्मिक निधन से यह कार्य अधूरा रह गया। उनकी इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने सहलेखिका के रूप में पुस्तक के प्रकाशन की जिम्मेदारी निभाई।
पुस्तक में 35 अध्याय हैं। इनमें मां दुर्गा के तेरह अध्यायों के साथ नवदुर्गा महिमा, देवी सूक्त, महाकीलक मंत्र, प्रकृति रहस्य, मूर्ति रहस्य, क्षमा प्रार्थना और विभिन्न आरतियां शामिल हैं।
डॉ. मिश्र बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में निदेशक (योजना) रहे और बाद में झारखंड सरकार के कृषि सलाहकार बने। उन्होंने कृषि विकास पर 13 पुस्तकें लिखीं तथा 21 तकनीकी लेख प्रकाशित किए। पुस्तक के प्रकाशन में पंकज मिश्र और कंप्यूटर प्वाइंट, रांची के मुद्रक हर्ष का सहयोग रहा। विमोचन समारोह में वरिष्ठ पत्रकारों सहित परिवार के सदस्य उपस्थित थे।




