हिंदू धर्म में रसोई को पवित्र और माता अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है। आजकल समय बचाने के लिए कई लोग बचा हुआ गूंथा आटा फ्रिज में रख देते हैं। हालांकि, वास्तु और ज्योतिषीय मान्यताओं में लंबे समय तक रखे गूंथे आटे को शुभ नहीं माना जाता।
नकारात्मक ऊर्जा की मान्यता
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, लंबे समय तक रखा गोलाकार गूंथा आटा ‘पिंड’ जैसा माना जाता है। कुछ ज्योतिषीय मान्यताएं इसे राहु-केतु और नकारात्मक ऊर्जा से भी जोड़ती हैं। हालांकि, इन दावों का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
मां लक्ष्मी और अन्नपूर्णा से जुड़ी मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, रसोई में बासी भोजन या पुराना आटा रखने से घर की बरकत प्रभावित हो सकती है। इसी कारण ताजा भोजन बनाने को प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
स्वास्थ्य की दृष्टि से गूंथे आटे को गलत तरीके से या लंबे समय तक रखने पर उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, फ्रिज में रखा आटा अपने-आप “हानिकारक बैक्टीरिया और कवक” से भर जाता है या उसके सभी पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं—यह दावा सही नहीं है। सुरक्षित तरीके से ढककर, उचित तापमान पर और सीमित समय के लिए रखा आटा इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्या करें
- जरूरत के अनुसार ही आटा गूंथें और ताजा इस्तेमाल को प्राथमिकता दें।
- बचा हुआ आटा साफ, एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज में रखें।
- दुर्गंध, फफूंद या असामान्य रंग दिखे तो आटा इस्तेमाल न करें।
- वास्तु मान्यताओं का पालन करना व्यक्तिगत आस्था का विषय है; इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में न देखें।



