Indore : दो साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास के सनसनीखेज मामले में इंदौर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को कड़ी से कड़ी सजा सुनाई है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) क्षिप्रा पटेल की अदालत ने आरोपी दिनेश (38), निवासी ग्राम करिददा बाग, जिला धार को दोषी करार देते हुए चार बार उम्रकैद और अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की तीन धाराओं तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) में एक-एक बार उम्रकैद की सजा दी। इसके अलावा अपहरण की धारा 366 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और कुल 42 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। साथ ही पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को 3 लाख रुपये की सहायता राशि देने की अनुशंसा की गई है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि आरोपी की मानसिकता बेहद आपराधिक और विकृत है। दो वर्ष की मासूम बच्ची को घर से उठाकर उसके साथ इस तरह की हैवानियत करना यह दर्शाता है कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में महिलाएं और बच्चे घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे मामलों में न्यूनतम दंड न्याय के सिद्धांतों के विपरीत होगा।
घटना का विवरण
यह मामला 13 अक्टूबर 2022 का है। बच्ची के पिता ने चंदन नगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह निर्माणाधीन मकान में चौकीदारी करता है और परिवार के साथ वहीं रहता है। रात करीब 1:30 बजे संदिग्ध आवाज के बाद 2 वर्षीय बच्ची लापता हो गई। बाद में पुलिस को झाड़ियों के पास बच्ची गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक ट्रक चालक की पहचान हुई, जिसे गिरफ्तार कर मेडिकल और डीएनए जांच कराई गई। डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया गया।
अभियोजन की भूमिका
मामले की प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर और प्रीति अग्रवाल ने की। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 31 गवाहों के बयान दर्ज कराए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया।
यह फैसला समाज में अपराधियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।

