Palamu : झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया। पांकी थाना क्षेत्र के कुसड़ी गांव में रविवार तड़के करीब 4 बजे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की टांगी (धारदार हथियार) से बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि इस हमले में एक 15 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।
घायल बच्ची ममता कुमारी को पहले प्राथमिक इलाज दिया गया, जिसके बाद उसे मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
मृतकों की पहचान
इस खौफनाक वारदात में जिन लोगों की जान गई, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—
-
विजय भुइंया (45 वर्ष)
-
हेमंती देवी (40 वर्ष)
-
छोटू कुमार (25 वर्ष)
पड़ोसी और सगे भाइयों पर हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप रविंद्र भुइंयां और प्रमोद भुइंयां पर है, जो मृतक विजय भुइंया के पड़ोसी और सगे भाई बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं।
अंधविश्वास बना हत्या की वजह
ग्रामीणों ने बताया कि रविवार सुबह करीब 3 बजे आरोपियों के पिता महेशी भुइंयां (65 वर्ष) की बीमारी के दौरान मौत हो गई थी। आरोप है कि दोनों भाइयों ने इस मौत को भूत-प्रेत और जादू-टोना से जोड़ दिया। उन्होंने विजय भुइंया को ओझा मानते हुए पहले उस पर हमला किया और फिर उसकी पत्नी व बेटे की भी हत्या कर दी। बीच-बचाव करने आई बच्ची ममता भी हमले की चपेट में आ गई।
पुराना विवाद भी आया सामने
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से ओझा-गुनी और जादू-टोना को लेकर विवाद चल रहा था। गांव में कई बार समझौते की कोशिशें हुईं, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ।
पुलिस देर से पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के करीब चार घंटे बाद पुलिस के मौके पर पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। बाद में पांकी थाना पुलिस ने पहुंचकर जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की पुष्टि करते हुए मनोज कुमार झा, एसडीपीओ लेस्लीगंज ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अंधविश्वास आज भी ग्रामीण समाज के लिए कितना घातक बन सकता है।



