Ranchi: झारखंड के मूलवासी-आदिवासी अधिकारों की आवाज अब राजधानी रांची की सड़कों पर बुलंद होने जा रही है। 15 मई 2025 को संथाल परगना के दुमका से शुरू हुई खतियानी पदयात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा द्वारा आयोजित यह ऐतिहासिक पदयात्रा अब 5 जून को राजधानी में महाधरणा में तब्दील होगी।
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मोर्चा के उपाध्यक्ष अमित मंडल ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि यह पदयात्रा 5 जून की सुबह 10 बजे रांची के बूटी मोड़ से शुरू होकर राजभवन तक जाएगी। इसके बाद डॉ. ज़ाकिर हुसैन पार्क परिसर में एक विशाल महाधरणा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राज्यभर से हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
इस जनआंदोलन की मुख्य मांगें झारखंड के हक और पहचान से जुड़ी हुई हैं। इनमें शामिल हैं:
- खतियान आधारित स्थानीय नीति का निर्माण
- स्थानीय नियोजन व रोजगार नीति की पारदर्शिता
- उद्योग, विस्थापन और पुनर्वास से जुड़ी स्पष्ट नीति
- जातीय जनगणना और सरना धर्म कोड की मान्यता
- पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन
राजभवन को सौंपा जाएगा मांग पत्र
महाधरणा के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल, केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल से मुलाकात करेगा। इस दौरान विस्तृत मांग-पत्र राज्यपाल को सौंपा जाएगा।
मोर्चा का दावा है कि यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि झारखंड के जनता की चेतना का प्रतीक है। “अब अधिकार की लड़ाई को कोई न रोक सकता है, न दबा सकता है,” — यह संदेश साफ है कि झारखंड में अपनी ज़मीन, पहचान और अधिकारों को लेकर जनता अब निर्णायक मोड़ पर आ चुकी है।



