Kolkata : आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या के मामले में सीबीआई की जांच को लेकर पीड़िता के माता-पिता ने गंभीर आपत्ति जताई है। परिजनों ने निचली अदालत में एक आवेदन दायर कर यह आशंका जताई है कि जांच एजेंसी निष्पक्षता से काम नहीं कर रही और उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिल पा रहा है।
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परिजनों के वकील ने कोर्ट में कहा कि मामले की जांच देख रहे सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक सम्पत मीणा और कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त विनीत कुमार गोयल दोनों 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और साथ ट्रेनिंग कर चुके हैं। ऐसे में यह संदेह है कि सम्पत मीणा, अपने बैचमेट के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई करने से परहेज कर सकते हैं।
यह वही विनीत गोयल हैं, जिनके नेतृत्व में प्रारंभिक जांच कोलकाता पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) ने की थी। लेकिन जनता के गुस्से के बाद उन्हें पद से हटाया गया और कोर्ट के आदेश से मामला सीबीआई को सौंपा गया।
सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि केवल बैचमेट होने के आधार पर किसी की निष्पक्षता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। एजेंसी के अनुसार, विनीत गोयल की संलिप्तता का कोई साक्ष्य अब तक नहीं मिला है, इसीलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
इस मामले में अदालत पहले ही एक नागरिक स्वयंसेवक संजय राय को दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा दे चुकी है। उसे बलात्कार और हत्या का मुख्य आरोपी माना गया। हालांकि पीड़िता के माता-पिता मानते हैं कि इस जघन्य अपराध में और भी लोग शामिल हो सकते हैं और कोलकाता पुलिस की शुरुआती जांच में साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की गई है।
माता-पिता की यह आशंका कि सीबीआई जांच कमजोर हो सकती है, एक बड़ी चिंता बन चुकी है। अब अदालत इस पर क्या फैसला देती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

