Hazaribagh : झारखंड की सबसे सुरक्षित जेलों में शामिल लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से तीन कैदियों के फरार होने का मामला बुधवार को सामने आया है। इस घटना के बाद जेल प्रशासन और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पूरे सिस्टम को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
फरार हुए तीनों कैदी धनबाद जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। जेल अधीक्षक चंद्रशेखर सुमन ने कैदियों के फरार होने की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि तीन कैदी जेल से भागने में सफल रहे।
हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये कैदी किसी आपराधिक मामले में सजा काट रहे थे या फिर वे विचाराधीन कैदी थे। इस संबंध में जेल प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की गई है।
🔍 सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा को राज्य की हाई-सिक्योरिटी जेलों में गिना जाता है, जहां खूंखार अपराधियों, नक्सलियों और कई हाई-प्रोफाइल विचाराधीन कैदियों को रखा जाता है। ऐसे में तीन कैदियों का फरार होना जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद जेल परिसर के सभी वार्डों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि कैदी किस रास्ते और किन परिस्थितियों में जेल से बाहर निकले। प्रारंभिक स्तर पर सुरक्षा में चूक की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
🚨 तलाश में जुटी पुलिस-प्रशासन की टीम
फरारी की घटना के बाद जेल परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। फरार कैदियों की तलाश में पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। राज्य के सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल आईजी स्वयं हजारीबाग पहुंच सकते हैं। वे पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे और सुरक्षा में हुई किसी भी प्रकार की लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जांच के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।






