हिंदुओं के नरसंहार पर जनजाति सुरक्षा मंच की तीव्र प्रतिक्रिया — केंद्र सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक और राष्ट्रपति शासन की मांग

Ranchi : झारखंड जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने बुधवार को एक प्रेस बयान जारी कर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले की तीव्र निंदा की है। उन्होंने इस घटना को दर्दनाक, भयानक और दिल दहला

हिंदुओं के नरसंहार पर जनजाति सुरक्षा मंच की तीव्र प्रतिक्रिया — केंद्र सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक और राष्ट्रपति शासन की मांग
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Ranchi : झारखंड जनजाति सुरक्षा मंच के मीडिया प्रभारी सोमा उरांव ने बुधवार को एक प्रेस बयान जारी कर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले की तीव्र निंदा की है। उन्होंने इस घटना को दर्दनाक, भयानक और दिल दहला देने वाला नरसंहार करार देते हुए कहा कि आतंकवादियों द्वारा हिंदू पर्यटकों की धर्म पूछकर निर्मम हत्या एक सुनियोजित मजहबी जिहाद है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

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घटना से पूरे देश में शोक और आक्रोश
सोमा उरांव ने कहा कि इस क्रूर घटना से पूरा भारतवर्ष आहत है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भगवान से प्रार्थना की कि वह दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें। उन्होंने कहा, “हम सभी इस कठिन समय में शोकाकुल परिवारों के साथ खड़े हैं। यह न केवल मानवता के खिलाफ अपराध है, बल्कि भारत की अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द पर सीधा हमला है।”

पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर अत्याचार — ममता सरकार मूकदर्शक
बयान में सोमा उरांव ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की घटनाओं की भी कड़ी आलोचना की, जहां उनके अनुसार हिंदुओं को चुन-चुन कर मारा जा रहा है, घरों से निकाला जा रहा है और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार इन घटनाओं पर पूर्णत: मौन और निष्क्रिय बनी हुई है, जो लोकतंत्र और मानवाधिकारों का अपमान है।

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मांगें: 

1. पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक कर जवाब दें — देश की सुरक्षा और शांति के लिए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब दिया जाना आवश्यक है।

2. पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करें — ताकि हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, बलात्कार और हत्याओं पर रोक लगाई जा सके।

सोमा उरांव ने कहा कि अब कड़े कदम उठाने का समय आ गया है, क्योंकि अगर अब भी सरकार नहीं जागी तो यह आतंकवाद और कट्टरपंथ देश के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।

जनजाति सुरक्षा मंच की अपील:

देशभर के सभी राष्ट्रवादी संगठनों और नागरिकों से अपील है कि वे इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ एकजुट हों।

सरकार से आग्रह है कि त्वरित कार्रवाई कर देशवासियों को विश्वास दिलाए कि भारत में किसी भी मजहब के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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