सीवान। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट सीवान ने ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत ट्रेन में भटक रहे 13 वर्षीय बालक को सुरक्षित बरामद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल कल्याण समिति, सीवान को सौंप दिया।
जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 15909 अप अवध-असम एक्सप्रेस की छपरा-गोरखपुर रेलखंड पर एस्कॉर्टिंग के दौरान एस्कॉर्ट पार्टी के कमांडर कांस्टेबल पलक धारी यादव और उनकी टीम को कोच संख्या एस-4 में एक बालक अकेली अवस्था में मिला। टीम ने बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और लिखित आवेदन के साथ आरपीएफ पोस्ट सीवान को सौंप दिया।
आरपीएफ पोस्ट पर पाली प्रभारी उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बालक से पूछताछ की। बालक ने अपना नाम मोहम्मद इदरीश (13), पिता का नाम मोहम्मद नुहू तथा पता ग्राम परानपुर बेलगाछी, थाना परानपुर, जिला कटिहार बताया।
गलती से ट्रेन में बैठ गया था बालक
पूछताछ में बालक ने बताया कि वह गलती से ट्रेन में बैठ गया था और सीवान पहुंच गया। उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर आरपीएफ ने उसके पिता मोहम्मद नुहू से संपर्क किया। पिता ने इदरीश को अपना पुत्र बताते हुए बताया कि वह फिलहाल मुंबई में हैं। उन्होंने अपने भाई और बालक के मामा को सीवान भेजने की जानकारी दी।
आरपीएफ ने परिजनों को आश्वस्त किया कि बालक पूरी तरह सुरक्षित है और आरपीएफ पोस्ट सीवान में उसकी देखरेख की जा रही है।
सदर अस्पताल में कराया गया चिकित्सीय परीक्षण
इसके बाद सहायक उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय बालक को सदर अस्पताल, सीवान लेकर गए, जहां उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। चिकित्सा जांच के बाद बाल कल्याण समिति में फॉर्म-17 समेत आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालक को विधिवत बाल कल्याण समिति, सीवान के सुपुर्द कर दिया गया।
लापता बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाया जाता है अभियान
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाले लापता, भटके या असहाय बच्चों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान करना है। अभियान के तहत ऐसे बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने अथवा आवश्यक संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति तक पहुंचाने की कार्रवाई की जाती है।


