Ranchi : पहलगाम (कश्मीर) में हिंदू तीर्थयात्रियों पर हुए जिहादी हमले को लेकर रांची में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, और अन्य समविचारी संगठनों ने आक्रोशपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता जिला स्कूल मैदान में एकत्र हुए और मौन श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च किया।
प्रदर्शन के दौरान “पाकिस्तान मुर्दाबाद”, “देश के गद्दारों को गोली मारो”, “जय श्री राम”, और “भारत माता की जय” जैसे नारे लगे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां भी ले रखी थीं जिन पर पाकिस्तान के विरुद्ध नाराजगी दर्ज थी।
बजरंग दल के प्रांत संयोजक रंगनाथ महतो ने पहलगाम हमले की तीव्र निंदा करते हुए कहा कि यात्रियों की पहचान कर, कलमा पूछ कर, और गैर-मुस्लिम होने की पुष्टि के बाद उनका जिस निर्ममता से नरसंहार किया गया, वह अमानवीय और देश को झकझोर देने वाला कृत्य है। उन्होंने इसे 1990 के दशक के आतंकवाद की वापसी का संकेत बताया।
विहिप के प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान प्रायोजित स्लीपर सेल घाटी में आज भी सक्रिय हैं और हाल की घटनाएं पाकिस्तान की भारत के विरुद्ध छेड़े गए अप्रकट युद्ध का हिस्सा हैं।
प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव ने कहा कि आतंकवादियों का मजहब स्पष्ट रूप से दिखता है, और अफसोस की बात यह है कि देश के मुस्लिम नेता इस विषय पर चुप हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वक्फ एक्ट जैसे मुद्दों पर सड़कों पर उतरने वाले लोग कश्मीर में हिंदुओं की हत्या पर खामोश क्यों हैं।
प्रदर्शन में रांची महानगर अध्यक्ष कैलाश केसरी, मंत्री विश्व रंजन, सह मंत्री राजेश अग्रवाल, योगेश खेड़वाल, विक्रम साहू, दीपक साहू, गंगा प्रसाद यादव, अनिल तिवारी, श्वेता सिंह, विक्की शर्मा, पियूष चौधरी सहित अनेक अन्य संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठनों ने भारत सरकार से मांग की है कि पाकिस्तान को इस कायरतापूर्ण हमले का ऐसा सख्त जवाब दिया जाए कि वह फिर कभी ऐसा दुस्साहस न कर सके।



