- ग्रामीण मुस्लिम संगठन ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, सुनवाई का पर्याप्त अवसर देने की अपील
मुकेश रंजन, मुख्य संवाददाता
Ranchi : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत मतदाता सूची में सामने आ रही विभिन्न विसंगतियों को लेकर ग्रामीण मुस्लिम संगठन, कांके ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड एवं अंचल अधिकारी, कांके को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की है। संगठन ने पुनरीक्षण की निर्धारित अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 को बढ़ाने का आग्रह किया है, ताकि प्रभावित लोगों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर मिल सके।

ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर एसआईआर-2026 की प्रक्रिया में कई लोगों के नाम, उपनाम, पिता-पति के नाम तथा उम्र से संबंधित विसंगतियां सामने आ रही हैं। संगठन के अनुसार, बाद की मतदाता सूचियों में व्यक्तिगत स्तर पर कई सुधार किए गए, लेकिन वर्ष 2003 की मूल सूची में दर्ज त्रुटियों के कारण वर्तमान पुनरीक्षण में अनेक नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने यह भी कहा कि कई लोगों को विसंगतियों के आधार पर नोटिस भेजे जा रहे हैं, लेकिन उन्हें सुनवाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक लोगों के पास शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, पासपोर्ट अथवा पारिवारिक सूची जैसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण वे अपने पक्ष में साक्ष्य प्रस्तुत करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
दस्तावेजों के अभाव में सरल प्रक्रिया की मांग
ज्ञापन में मांग की गई है कि जिन नागरिकों के पास आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए खतियान के साथ वंशावली तैयार कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट लिखित निर्देश दिए जाएं। उम्र संबंधी मामलों में स्वघोषणा पत्र, शपथपत्र अथवा मुखिया एवं वार्ड पार्षद की अनुशंसा के आधार पर नियमानुसार जांच कर निर्णय लेने का सुझाव दिया गया है।
फॉर्म-7 के दुरुपयोग की जांच की मांग
संगठन ने फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग के मामलों की गहन जांच की भी मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि किसी मतदाता को मृत अथवा दूसरे राज्य में स्थानांतरित बताकर उसका नाम हटाने के लिए गलत आवेदन किए जाने की शिकायतों की जांच होनी चाहिए। गलत पाए जाने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
संगठन ने आग्रह किया है कि एसआईआर-2026 की प्रक्रिया में किसी भी पात्र भारतीय नागरिक अथवा उसके परिवार का नाम केवल दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण छूटने न पाए। ज्ञापन पर ऐनुल हक अंसारी, एस. अली, मतीउर रहमान, मो फुरकान, मोजिबुल अंसारी, जियाउद्दीन अंसारी, इमरान सहित अन्य लोग मौजूद थे ।



