Ranchi : राजधानी राँची की एक हल्की बारिश ने नगर निगम की लापरवाहियों की परतें उधेड़ दी हैं। सेवा सदन रोड, जो शहर के प्रमुख इलाकों में गिनी जाती है, इन दिनों किसी नदी या झील जैसी दिखाई दे रही है। घुटनों तक भरे पानी में स्कूली बच्चे, दुकानदार, राहगीर और वाहन चालक जूझते नजर आ रहे हैं।

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स्थानीय लोग कह रहे हैं—अब राँची नहीं, ये तो वेनिस है!
पानी में डूबे रिक्शे, दुकानों में भरा पानी, और स्कूल जाने में असमर्थ बच्चे अब आम दृश्य बन चुके हैं। दुकानदारों ने बताया कि बारिश की खबर आते ही उनका तनाव बढ़ जाता है। सामान बचाएँ या खुद को, ये तय करना मुश्किल हो जाता है।
व्यवसाय चौपट, जनजीवन बेहाल
बाजारों में सन्नाटा है। ग्राहक कम और परेशानी अधिक है। माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने से डरते हैं कि कहीं रास्ते में गिर न जाएं या बीमार न पड़ जाएं।
नालियों की सफाई न होना बनी सबसे बड़ी समस्या:
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालियाँ वर्षों से साफ नहीं की गईं। बारिश का पानी बहने की बजाय सड़कों पर ही जम जाता है। कई जगह तो सड़कों की शक्ल तक नहीं दिखाई देती—जैसे सड़कें न होकर खुद नालियाँ बन गई हों।
जनता का आक्रोश—प्रशासन को चेतावनी:
लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो वे नगर निगम के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उनका आरोप है कि नगर निगम की निष्क्रियता जनता के लिए एक सज़ा बन चुकी है।
प्रशासन से तीखे सवाल:
- क्या हर मानसून में राँची ऐसे ही डूबेगी?
- क्या जल निकासी सिर्फ योजनाओं में ही रहेगी?
- सेवा सदन रोड की हालत कब सुधरेगी?
यह सिर्फ एक इलाके की समस्या नहीं, बल्कि यह राँची के शहरी प्रशासन की मानसिकता और उसके काम करने के तरीके पर बड़ा सवाल है।






