News Delhi : केंद्र सरकार ने महिलाओं को रात्रिकालीन पाली (नाइट शिफ्ट) में काम करने की अनुमति देते हुए उनकी सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए श्रम संहिता के तहत नए नियम जारी किए हैं। ये नियम 1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं।
🔹 नाइट शिफ्ट से जुड़े प्रमुख प्रावधान
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महिलाएं शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी
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नियोक्ता को महिला कर्मचारी की लिखित सहमति लेना अनिवार्य
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सुरक्षित और रोशन कार्यस्थल की व्यवस्था जरूरी
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घर से कार्यालय और कार्यालय से घर तक पिक-अप व ड्रॉप की जिम्मेदारी नियोक्ता की
🔹 कार्य घंटे और अवकाश नियम
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सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही कार्य
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किसी भी श्रमिक से 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा
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दैनिक कार्य घंटे, विश्राम अवधि और स्प्रेड ओवर को लेकर अलग अधिसूचना जारी होगी
🔹 असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राहत
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असंगठित क्षेत्र के 16 वर्ष या उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए
👉 आधार से जुड़ा पंजीकरण अनिवार्य -
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए
👉 राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन -
बोर्ड में संसद, राज्य सरकार, श्रमिक संगठनों और नियोक्ताओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे
🔹 वेतन की नई परिभाषा
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यदि भत्ते व अन्य भुगतान कुल पारिश्रमिक के 50% से अधिक हुए
👉 अतिरिक्त राशि को वेतन में जोड़ा जाएगा -
हालांकि ये वेतन में शामिल नहीं होंगे:
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प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन
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ESOP
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प्रतिपूर्ति (Reimbursement) आधारित भुगतान
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🔹 फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को ग्रेच्युटी
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निश्चित अवधि (Fixed Term) के कर्मचारियों को मान्यता
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1 साल की निरंतर सेवा पर ग्रेच्युटी का अधिकार
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पहले यह सुविधा स्थायी कर्मचारियों को 5 साल बाद मिलती थी
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यह प्रावधान 21 नवंबर 2025 से प्रभावी होगा
🔹 ठेकेदारों के लिए नई व्यवस्था
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एकल इलेक्ट्रॉनिक लाइसेंस प्रणाली लागू
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एक या कई राज्यों में काम करने वाले ठेकेदारों को
👉 45 दिनों के भीतर लाइसेंस स्वीकृति या अस्वीकृति की जानकारी
🔹 आगे की प्रक्रिया
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चारों श्रम संहिताओं के मसौदा नियमों पर
👉 30–45 दिनों तक सार्वजनिक सुझाव मांगे गए हैं -
अंतिम नियम मार्च तक अधिसूचित होने की संभावना
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इसके बाद 1 अप्रैल से नई श्रम संहिताएं लागू हो सकती हैं
Ministry of Labour and Employment के अनुसार, इन सुधारों का उद्देश्य श्रमिकों की सुरक्षा, समान अवसर और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।



