Kolkata : पश्चिम बंगाल के तीन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में बीते 24 घंटों के दौरान कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। सबसे अधिक सात मौतें बांकुड़ा जिले में हुई हैं, जबकि पूर्व बर्धमान में पांच और पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक व्यक्ति की जान गई है।
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राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार सुबह जानकारी दी कि बांकुड़ा जिले के कोतुलपुर थाना अंतर्गत खिरी गांव में खेत में काम कर रहे जियाउल हक मोल्ला पर अचानक बिजली गिर गई। ग्रामीणों ने उन्हें स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इसी जिले के पात्रसायर में जीवन घोष बिजली गिरने से झुलस गए। उन्हें तीन अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं ओंदा, इंदस और जयपुर इलाकों में भी बिजली गिरने की घटनाओं में नारायण सावार, शेख इस्माइल और उत्तम भुइंया की जान चली गई।
पूर्व बर्धमान जिले के मधबधी गांव में 60 वर्षीय सनातन पात्रा खेत में काम कर रहे थे, जब उन पर आकाशीय बिजली गिरी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। इसके अलावा भेड़िया गांव के 28 वर्षीय संजय हेबराराम की भी बिजली गिरने से मौत हो गई।
पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोणा इलाके में लक्ष्मीकांत पान (42) की जान गई, जब वह खेत में कार्य कर रहे थे।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 27 जुलाई तक दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिजली कड़कने के समय घर के अंदर रहें और खुले मैदानों, पेड़ों या ऊंची जगहों से दूर रहें।
राज्य प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने को कहा है और आपदा राहत टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।






