झारखंड के 233 स्वास्थ्य केंद्रों की होगी हाईटेक निगरानी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम पर 11.62 करोड़ खर्च

Ranchi : झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य के विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य

झारखंड के 233 स्वास्थ्य केंद्रों की होगी हाईटेक निगरानी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम पर 11.62 करोड़ खर्च
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Ranchi : झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य के विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम स्थापित करने की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 11.62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी।

योजना के तहत राज्य के कुल 233 स्वास्थ्य संस्थानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ा जाएगा। इनमें 5 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, 24 सदर अस्पताल, 13 अनुमंडलीय अस्पताल तथा 191 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से मुख्यालय और दूरदराज के स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होगा। इससे स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा, प्रशासनिक बैठकों के संचालन, विभिन्न कार्यक्रमों की निगरानी और त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।

विभागीय दस्तावेजों के अनुसार प्रत्येक संस्थान में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम की स्थापना पर लगभग 4.99 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस सेटअप में 75 इंच का इंटरैक्टिव डिस्प्ले, यूएसबी कैमरा, ओम्नीडायरेक्शनल माइक्रोफोन तथा आवश्यक वायरिंग एवं अन्य तकनीकी उपकरण शामिल होंगे।

परियोजना के क्रियान्वयन और उपकरणों की खरीद की जिम्मेदारी झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट प्रोक्योरमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JMHIDPCL) को सौंपी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में पहले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा उपलब्ध है, वहां दोबारा सिस्टम स्थापित नहीं किया जाएगा।

साथ ही संबंधित सिविल सर्जन और चिकित्सा अधीक्षक को उपकरणों के रखरखाव, सुरक्षा और सुचारू संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रशासनिक समन्वय मजबूत होगा और राज्यभर के अस्पतालों के साथ त्वरित एवं प्रभावी संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

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