West Bengal : पूर्वी भारत से एक बेहद दर्दनाक और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल के बासतोला रेलवे स्टेशन के पास बीती रात एक भीषण रेल हादसा हुआ, जिसमें एक वयस्क हाथी और दो बच्चे ट्रेन की चपेट में आकर मौके पर ही मारे गए। यह घटना पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया वन क्षेत्र से सटे इलाके में घटी, जहां हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था।
बिस्कुट पर विवरण जरूरी, तो सड़क प्रोजेक्ट पर क्यों नहीं?
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, देर रात लगभग सात हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर रेलवे लाइन पार कर रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रेन आ गई, जिसकी चपेट में आकर तीन हाथियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद चार अन्य हाथी घायल साथियों की मौत से स्तब्ध होकर आक्रोशित हो उठे और घटनास्थल के आसपास डेरा डाल लिया।
हाथियों के विलाप और बार-बार रेलवे ट्रैक पर पहुंचने से इलाके में दहशत फैल गई। इनकी चिंघाड़ से ग्रामीण सहमे हुए हैं। वन विभाग की टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया। झाड़ग्राम वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मृत हाथियों के शवों को हटाने का काम शुरू किया।
इस हादसे के कारण खड़गपुर-टाटानगर रेलखंड पर रेल सेवा घंटों बाधित रही। अप लाइन को सुबह 6:15 बजे और डाउन लाइन को 7:30 बजे के बाद चालू किया गया। हालांकि, रेलवे के खड़गपुर मंडल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि रेलवे को ऐसे संवेदनशील इलाकों में हाथियों के कॉरिडोर को ध्यान में रखते हुए सिग्नलिंग सिस्टम और रफ्तार नियंत्रण जैसे उपाय करने चाहिए। वरना इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि इंसान और वन्यजीवों के बीच टकराव का गंभीर संकेत है। अगर शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।


