- 1,000 रुपये का जुर्माना, शहरभर में इंटीग्रेटेड स्पीड वायलेशन सिस्टम लागू; तेज रफ्तार वाहन चालकों पर अब हर पल रहेगी नजर
मुकेश रंजन
Ranchi: राजधानी रांची में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। शहर के 10 प्रमुख मार्गों पर स्पीड वायलेशन डिटेक्टर कैमरे लगाए गए हैं, जो निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार से चलने वाले वाहनों की स्वतः पहचान कर चालान जारी करेंगे। नई व्यवस्था का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।
प्रशासन के अनुसार सभी स्पीड डिटेक्टर कैमरों को एकीकृत (इंटीग्रेटेड) सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। यदि किसी वाहन का एक दिन में एक स्थान पर ओवरस्पीड का चालान कट जाता है, तो उसी दिन दूसरे कैमरे से उसी उल्लंघन के लिए दोबारा चालान नहीं किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत ओवरस्पीडिंग पर ₹1,000 का जुर्माना निर्धारित किया गया है। वहीं, यदि कोई चालक तीन बार ओवरस्पीडिंग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) को निलंबित (सस्पेंड) करने का भी प्रावधान है।
इन 10 स्थानों पर लगे हैं स्पीड वायलेशन डिटेक्टर कैमरे :
– खरसीदाग ओपी थाना से रांची एंट्री रोड — 40 किमी/घंटा
– शहीद मैदान से धुर्वा गोलचक्कर — 40 किमी/घंटा
– रामपुर तिराहा (रिंग रोड) से रांची सिटी — 40 किमी/घंटा
– तिलता रिंग रोड चौक से रांची सिटी रोड — 40 किमी/घंटा
– पिस्का मोड़ से रवि स्टील चौक, पंडरा — 40 किमी/घंटा
– हिनू एयरपोर्ट रोड — 40 किमी/घंटा
– सेटेलाइट कॉलोनी चौक से डिबडीह ब्रिज — 40 किमी/घंटा
– मेसरा रेलवे ओवरब्रिज से डीपीएस ग्रेटर रांची — 40 किमी/घंटा
– कांके रिंग रोड से बिरसा यूनिवर्सिटी — 40 किमी/घंटा
– रांची कॉलेज प्लेग्राउंड से स्टेट गेस्ट हाउस — 30 किमी/घंटा
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, यातायात नियमों का सम्मान करें और सुरक्षित ड्राइविंग को अपनी प्राथमिकता बनाएं।










