‘2500 रुपये में कैसे चलेगा परिवार?’ पंचायत सहायकों का सरकार से सवाल, 8 सूत्री मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

मानदेय, 70% आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और स्थायी समाधान की मांग तेज, मजिस्ट्रेट के माध्यम से हेमंत सोरेन तक पहुंचाई अपनी आवाज मुकेश रंजन Ranchi: राज्य स्तरीय पंचायत सहायक संघ ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का स्वर तेज करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत

'2500 रुपये में कैसे चलेगा परिवार?' पंचायत सहायकों का सरकार से सवाल, 8 सूत्री मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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  • मानदेय, 70% आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और स्थायी समाधान की मांग तेज, मजिस्ट्रेट के माध्यम से हेमंत सोरेन तक पहुंचाई अपनी आवाज

मुकेश रंजन

Ranchi: राज्य स्तरीय पंचायत सहायक संघ ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का स्वर तेज करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम मजिस्ट्रेट के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संघ ने सरकार से पंचायत सहायकों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए आठ सूत्री मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

‘2500 रुपये में कैसे चलेगा परिवार?’ पंचायत सहायकों का सरकार से सवाल, 8 सूत्री मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

संघ ने अपने ज्ञापन में कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास, पारदर्शी पंचायत व्यवस्था और जनभागीदारी को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इन उद्देश्यों को धरातल पर उतारने में पंचायत सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत सहायक सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, लाभुकों का डाटाबेस तैयार करने, जागरूकता अभियान चलाने, सहभागी योजना निर्माण तथा मूल्यांकन जैसे अनेक कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सम्मान, सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने कहा कि वर्तमान में मिलने वाली ₹2,500 की प्रोत्साहन राशि से परिवार का भरण-पोषण करना लगभग असंभव हो गया है। महंगाई के इस दौर में पंचायत सहायकों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने सरकार से पंचायत सहायकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस और स्थायी नीति बनाने की मांग की।

संघ की प्रमुख 8 सूत्री मांगें :

– मुख्यमंत्री से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सीधी वार्ता कराई जाए।

– पंचायत सहायकों के लिए सम्मानजनक मानदेय लागू किया जाए।

– प्रत्येक वर्ष ग्रामसभा से अनुमोदन की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

– पंचायत सचिव भर्ती में पंचायत सहायकों को 70 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।

– दिवंगत पंचायत सहायकों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी जाए।

– नगर निगम अथवा नगर पंचायत क्षेत्र में शामिल पंचायत सहायकों का वहीं समायोजन किया जाए।

– पंचायत सहायकों को स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा का लाभ प्रदान किया जाए।

– समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया जाए।

ज्ञापन सौंपने के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करती है, तो इससे न केवल पंचायत सहायकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण प्रशासन और पंचायत व्यवस्था भी अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनेगी। पंचायत सहायकों ने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र न्यायोचित निर्णय लेगी।

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