West Singhbhum, Jharkhand: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित गुदड़ी प्रखंड के टोमडेल पंचायत अंतर्गत कोड़केल गांव में शुक्रवार की रात एक दुखद हादसा हुआ। अचानक मौसम बदलने के बाद हुई आकाशीय बिजली गिरने की घटना में आठ मवेशियों की मौत हो गई, जिससे गांव के कई परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत मवेशियों में किशोर भुइयां के दो बैल, जस्टिन मनोहर लुगुन के तीन बैल, तथा दनियल भुईंया, मार्टिन भुईंया और जुनेथान भुईंया के एक-एक बैल शामिल हैं। ये सभी किसान पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और इस समय खेतों की जुताई का समय होने के कारण यह हादसा उनके लिए एक बड़ी विपत्ति बन गया है।
गांव के किसान खेती के लिए पूरी तरह से अपने मवेशियों पर निर्भर हैं। मवेशियों की आकस्मिक मौत से उनकी खेती की तैयारियों पर भी असर पड़ा है और अब वे भारी संकट में हैं।
घटना की सूचना मिलते ही मनोहरपुर के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी महेंद्र जामुदा ने कोड़केल गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि वह इस मामले में उपायुक्त को लिखित रूप से पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
महेंद्र जामुदा ने कहा, “यह हादसा सिर्फ पशुओं की मौत नहीं, बल्कि इन गरीब किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार है। ऐसे समय में प्रशासन को संवेदनशील होकर तत्काल राहत पहुंचानी चाहिए।”
गांव के अन्य लोगों ने भी सरकार से तत्काल राहत पैकेज और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए उपाय किए जाने की अपील की है। ग्रामीणों ने कहा कि बिजली गिरने की घटनाएं हर साल होती हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
यह घटना ग्रामीण जीवन की नाजुकता और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति उनकी असुरक्षा को उजागर करती है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस पर ठोस कदम उठाता है।

