महापहान सम्मेलन की घोषणा: आदिवासी परंपरा, संस्कृति और स्वशासन की रक्षा को लेकर रांची में संयुक्त बैठक का ऐलान

Ranchi: झारखंड आदिवासी सरना विकास, धुर्वा के केंद्रीय कार्यालय में आज रांची जिला के विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों और प्रमुख सामाजिक अगुवाओं की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मेघा उराँव ने की। Also Read : एनयूएसआरएल के छात्रों के लिए क्लाईंट

महापहान सम्मेलन की घोषणा: आदिवासी परंपरा, संस्कृति और स्वशासन की रक्षा को लेकर रांची में संयुक्त बैठक का ऐलान
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Ranchi: झारखंड आदिवासी सरना विकास, धुर्वा के केंद्रीय कार्यालय में आज रांची जिला के विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों और प्रमुख सामाजिक अगुवाओं की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मेघा उराँव ने की।

Also Read : एनयूएसआरएल के छात्रों के लिए क्लाईंट काउंसेलिंग सत्र आयोजित

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 8 जून 2025 को रांची जिला के सभी 18 प्रखंडों के पारंपरिक सामाजिक नेतृत्वकर्ता—पहान, पईनभोरा, कोटवार, महतो, रैयत, जेठ रैयत सहित अन्य सामाजिक अगुवाओं की भागीदारी में “महापहान सम्मेलन” आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य आदिवासी समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं परंपरागत स्वशासन व्यवस्था पर हो रहे निरंतर हमलों और अतिक्रमण के विरुद्ध रणनीति तैयार करना है।

सम्मेलन की सफलता हेतु प्रत्येक प्रखंड एवं पंचायत में प्रभारी नियुक्त कर जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बैठक में 15 मई 2025 को पंचायती राज विभाग द्वारा रांची के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित पेसा कानून संबंधी बैठक पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। परंपरागत सामाजिक स्वशासन से जुड़े वास्तविक प्रतिनिधियों को बैठक में नहीं बुलाया गया, जिससे यह शंका उत्पन्न हुई कि कहीं झारखंड के पांचवीं अनुसूची क्षेत्र को छठी अनुसूची क्षेत्र में बदलने का प्रयास तो नहीं हो रहा है?

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि यदि पेसा कानून 1996 की गजट अधिसूचना के अनुसार नियमावली को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया, तो विभिन्न आदिवासी और जनजातीय संगठन व्यापक विरोध करेंगे, और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय की भी शरण लेंगे। इस विषय पर शीघ्र ही एक प्रेस वार्ता कर सरकार को मांगपत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।

बैठक में नामकुम, अनगड़ा, ओरमांझी, कांके, रातू, नगड़ी, बेड़ो, कर्रा सहित कई प्रखंडों और संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। प्रमुख रूप से उपस्थित व्यक्तियों में आरती कुजूर, अंजलि लकड़ा, मुन्नी देवी, सुनीता टोप्पो, संदीप उराँव, सोमा उराँव, मुकेश भगत, भीम मुंडा, अजय भोक्ता, सन्नी उरांव, लुटुरु उरांव, जय मंत्री उराँव, लोरिया उरांव, ललमनी देवी, अंजलि देवी, फागु मुंडा, विशु उराँव, मनोज भगत समेत कई गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।

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