Ranchi : आरकेडीएफ विश्वविद्यालय, रांची में “नशा मुक्ति भारत अभियान” के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे के दुष्परिणामों को लेकर जागरूकता फैलाना और उन्हें इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।

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कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी उपस्थिति से इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्र कल्याण संघ की अध्यक्ष डॉ. अनिता कुमारी ने की। उन्होंने नशा मुक्ति के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला और उपस्थित छात्रों को नशे से होने वाले मानसिक, शारीरिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी।
डॉ. अनिता कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और अगर यह पीढ़ी नशे की चपेट में आ गई, तो समाज और राष्ट्र दोनों को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने नशा न करने का संकल्प लेने का आग्रह किया और छात्रों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में शैक्षणिक संकायाध्यक्ष डॉ. शीतल टोप्पणों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने सभी छात्रों से आग्रह किया कि वे स्वयं नशा से दूर रहें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, प्राध्यापिकाएं एवं नोडल पदाधिकारी मैनाक बनर्जी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन एक शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे जीवन में कभी नशे की ओर नहीं बढ़ेंगे और इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
इस तरह आरकेडीएफ विश्वविद्यालय ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए छात्रों में सकारात्मक सोच एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।



