Patratu: पतरातू थर्मल पावर स्टेशन के पूर्व डीजीएम अजीत कुमार केशरी का 1 जून को निधन हो गया। 83 वर्षीय श्री केशरी पिछले कुछ समय से प्राकृतिक बीमारी से पीड़ित थे। उनके निधन की खबर से गांव में शोक की लहर है।
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पेशे में उत्कृष्टता, समाज सेवा में समर्पण:
श्री केशरी ने पतरातू थर्मल पावर में डीजीएम पद पर रहते हुए उत्कृष्ट कार्य किए। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने समाजसेवा को ही अपना धर्म बना लिया। वे प्रेम मंजरी उच्च विद्यालय, पिठोरिया के संरक्षक रहे और शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने गुणवत्ता और विकास को प्राथमिकता दी।
सामाजिक नेतृत्व में भी अग्रणी:
वे केसरवानी वैश्य सभा रांची के पूर्व जिला अध्यक्ष और संरक्षक रहे। इसके अलावा, वे सेवा भारती और कई अन्य सामाजिक संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। उनकी कार्यशैली, ईमानदारी और समर्पण भाव से वे समाज के हर वर्ग में सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे।
सनातनी परंपराओं के साथ अंतिम विदाई:
उनका अंतिम संस्कार 2 जून को पिठोरिया गांव में पूरे सनातन धर्म के रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। मुखाग्नि उनके पुत्र संजीत केशरी ने दी। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के बुद्धिजीवी, समाजसेवी, शिक्षक और शुभचिंतकों की भारी भीड़ उमड़ी। हर आंख नम थी और हर मन उनके योगदान को याद कर रहा था।
सादगी में थी पहचान:
श्री अजीत केशरी भले ही उच्च पद पर रहे हों, लेकिन उनकी सादगी, सहजता और सेवा भाव ने उन्हें आमजन से जोड़े रखा। शिक्षा और समाजसेवा में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
पिठोरिया गांव आज एक दीप के बुझने का शोक मना रहा है, लेकिन उनकी रोशनी विचारों और योगदान के रूप में समाज में बनी रहेगी।

