भारतीय मूल के प्रोफेसर को प्रतिष्ठित मार्कोनी पुरस्कार से नवाजा जाएगा

न्यूयॉर्क। मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के भारतीय मूल के प्रोफेसर हरि बालकृष्णन को तार और बेतार वाले नेटवर्क, मोबाइल सेंसिंग और वितरण प्रणालियों से संबंधित अपनी मौलिक खोज के लिए प्रतिष्ठित मार्कोनी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। एमआईटी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कम्प्यूटर साइंस

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न्यूयॉर्क। मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के भारतीय मूल के प्रोफेसर हरि बालकृष्णन को तार और बेतार वाले नेटवर्क, मोबाइल सेंसिंग और वितरण प्रणालियों से संबंधित अपनी मौलिक खोज के लिए प्रतिष्ठित मार्कोनी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

एमआईटी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कम्प्यूटर साइंस विभाग में कम्प्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के फुजित्सू प्रोफेसर बालकृष्णन के नाम की घोषणा 22 फरवरी को की गई। द मार्काेनी सोसायटी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है। मार्काेनी सोसायटी हर साल ऐसे नवेन्मेषकों को मार्काेनी पुरस्कार प्रदान करती है, जिन्होंने आधुनिक सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से डिजिटल समावेश को बढ़ाने में अहम योगदान दिया है।

विज्ञप्ति के अनुसार, बड़े स्तर पर समाज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग संबंधी अनुसंधान पर ध्यान देते हुए बालकृष्णन के कार्य ने लाखों लोगों को सुरक्षा प्रदान की है तथा इंटरनेट एवं बेतार संचार को और अधिक प्रभावशाली व मजबूत बनाया है। मार्काेनी पुरस्कार चयन समिति की अध्यक्ष एंड्रिया गोल्डस्मिथ ने कहा, प्रौद्योगिकी के लिए हरि के योगदान का नवाचार उल्लेखनीय है।

बालकृष्णन ने आईआईटी मद्रास से बीटेक की डिग्री प्राप्त करने के बाद बर्कले स्थित कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय से पीएचडी की। उन्हें 27 अक्टूबर, 2023 को वाशिंगटन में एक समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

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