Ranchi : कांके क्षेत्र की सेंट्रल मोहर्रम कमिटी की एक महत्वपूर्ण बैठक मोहर्रम मैदान, न्यू मार्केट कांके चौक में कमिटी के अध्यक्ष मो. समनुर मंसुरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कांके क्षेत्र के तमाम अखाड़ा के सदर, सेक्रेटरी, खलीफा एवं क्षेत्र के दानिश्वर बड़ी संख्या में शामिल हुए।
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मौलाना अख्तर मुजाहिरी को श्रद्धांजलि, ऐतिहासिक फैसला :
बैठक में खास तौर पर इस बात पर गहरा शोक व्यक्त किया गया कि कांके पतरा टोली के जनाब मरहूम मौलाना अख्तर मुजाहिरी साहब, जो हिंदुस्तान के मशहूर इमाम और खतीबों में शुमार थे, का इसी वर्ष इंतकाल हो गया। मौलाना साहब ने क्षेत्र में गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे को कायम रखने में अमूल्य योगदान दिया था।
इस बार सादगी से मनाया जाएगा मोहर्रम:
उनके सम्मान में और शोक स्वरूप कांके क्षेत्र के सभी प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति से निर्णय लिया कि इस बार मोहर्रम का जुलूस कांके चौक स्थित मोहर्रम मैदान में नहीं लाया जाएगा। इसके बजाय पत्तरा टोली, चुड़ी टोला, मिल्लत कॉलोनी, खेत मोहल्ला, मस्जिद-ए-मसूद एरिया, बाजार ताड़, सिमर टोली समेत अन्य इलाकों में सादगीपूर्ण माहौल में मोहर्रम मनाने का फैसला किया गया।
परंपराओं का निर्वहन भी तय:
बैठक के उपरांत मोहर्रम की सातवीं तारीख को इमामबाड़ा में निशान खड़ा करने और खलीफाओं के बीच पगड़ी बांधने की परंपरा पूरी की गई। इस अवसर पर एकजुटता और भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
कौन-कौन रहे मौजूद:
बैठक में कमिटी के सचिव मोहम्मद फुरकान, अब्दुल इमरान, खलीफा हिफजुर्रहमान, वसीम अंसारी, गुलजार अहमद, बारीक कुरैशी, शेख सहीउद्दीन, मो. सहजाद, राजिक आलम, सरफराज आलम राजा, मेराज आलम, कांके अंजुमन के नुरुल होदा, सलामत अंसारी, जियारत अंसारी, फिरोज अहमद, सरताज अंसारी, मो. नौशाद, मनौव्वर बाबा समेत क्षेत्र के तमाम सदर, सेक्रेटरी और खलीफा उपस्थित थे।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्षेत्र में भाईचारे की इस मिसाल को लोग किस तरह आगे बढ़ाते हैं, और क्या आने वाले वर्षों में भी इसी परंपरा को कायम रखा जाएगा।



