New Delhi : भारतीय शतरंज की दुनिया से रविवार को बड़ी खबर आई है। फिडे महिला वर्ल्ड कप में भारत की दो शानदार महिला खिलाड़ियों — दिव्या देशमुख और कोनेरू हम्पी — ने प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर भारत का मान बढ़ाया है।
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युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने क्रोएशिया की खिलाड़ी तियोदोरा इंजैक को हराकर तीसरे राउंड में अपनी जीत दर्ज की। पहले गेम में दिव्या ने काले मोहरों से खेलते हुए बेहतरीन रणनीति अपनाई और विरोधी खिलाड़ी को मात दी। दूसरे गेम में मुकाबला बराबरी पर छूटा, जिससे दिव्या को दो गेमों के परिणामों के आधार पर जीत हासिल हुई।
दूसरी ओर, अनुभवी खिलाड़ी और भारत की दिग्गज ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने पोलैंड की क्लाउडिया कुलॉन को पराजित किया। हम्पी का पहला गेम ड्रॉ रहा, लेकिन दूसरे गेम में उन्होंने काले मोहरों से जोरदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। हम्पी का अनुभव और उनकी सूझबूझ एक बार फिर सामने आई, जिसने उन्हें अगले दौर में पहुंचाया।
फिलहाल भारत की तीन अन्य महिला खिलाड़ी — वंतिका अग्रवाल, आर. वैषाली और हरिका द्रोणावल्ली — भी तीसरे राउंड के मुकाबले खेल चुकी हैं, लेकिन उनके सभी गेम अब तक ड्रॉ रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे टाई-ब्रेक मुकाबलों में कैसा प्रदर्शन करती हैं।
भारतीय शतरंज प्रेमियों की उम्मीदें इन खिलाड़ियों से अब प्री-क्वार्टर और आगे के राउंड में भी बेहतरीन खेल की हैं। इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने अब तक शानदार लय बनाए रखी है और यह उम्मीद की जा रही है कि इस बार कोई भारतीय खिलाड़ी खिताब भी जीत सकती है।
फिडे महिला वर्ल्ड कप में अब मुकाबले और कठिन होते जाएंगे, लेकिन भारत की खिलाड़ी अपनी रणनीति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।



