Ranchi : राजधानी रांची में नकली खाद्य सामग्री के खिलाफ प्रशासन की सख्ती जारी है। गुरुवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी उत्कर्ष कुमार के नेतृत्व में ओरमांझी थाना क्षेत्र में नकली पनीर की एक बड़ी खेप पकड़ी गई। यह छापा खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत मारा गया।
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सूत्रों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई की। नकली पनीर ऑटो के माध्यम से रांची शहर में भेजा जा रहा था, जिसे रास्ते में ही रोककर जब्त कर लिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि यह पनीर न तो गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है और न ही खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुरूप है।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जब्त किया गया पनीर गुणवत्ता और मानक दोनों में ही बेहद निम्न स्तर का था। इसमें इस्तेमाल किए गए पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सदर एसडीओ उत्कर्ष कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि “जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने कहा कि विभाग ऐसे मामलों में पूरी सतर्कता बरत रहा है और नियमित जांच के आदेश दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध खाद्य पदार्थ की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। इस प्रकार की गतिविधियाँ न सिर्फ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को खतरे में डालती हैं, बल्कि कानून का उल्लंघन भी करती हैं।
झारखंड में पहले भी कई बार नकली खाद्य सामग्री की आपूर्ति के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार पकड़ी गई मात्रा काफी बड़ी बताई जा रही है। विभाग का कहना है कि इस मामले की जड़ तक पहुँचने के लिए आगे की छानबीन जारी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।



