गोड्डा के ग्रामीणों के लिए अदाणी फाउंडेशन की मोबाइल मेडिकल वैन बनी लाइफ लाइन

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now गोड्डा। झारखंड के गोड्डा जिले के सुदूरवर्ती गांवों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों के लिए अदाणी समूह के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) विंग अदाणी फाउंडेशन की ओर से संचालित मोबाइल मेडिकल वैन किसी जीवन रेखा

गोड्डा के ग्रामीणों के लिए अदाणी फाउंडेशन की मोबाइल मेडिकल वैन बनी लाइफ लाइन
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

गोड्डा। झारखंड के गोड्डा जिले के सुदूरवर्ती गांवों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों के लिए अदाणी समूह के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) विंग अदाणी फाउंडेशन की ओर से संचालित मोबाइल मेडिकल वैन किसी जीवन रेखा से कम नहीं है। यह वैन रोजाना दो से ढाई सौ मरीजों को मुफ्त इलाज और दवा उपलब्ध कराकर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को नई दिशा दे रही है।

झारखंड में तीन दिन भारी बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी

स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित या सीमित पहुंच वाले क्षेत्रों में अदाणी फाउंडेशन की ओर से यह सेवा गोड्डा, पोडैयाहाट, महागामा, ठाकुरगंगटी, बोआरीजोर और साहेबगंज सदर प्रखंड के 100 से अधिक गांवों में निरंतर दी जा रही है। मोबाइल वैन के साथ एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक पंजीयन सहायक की टीम रहती है, जो गांव में पहुंचते ही मरीजों की जांच, परामर्श और जरूरत के अनुसार दवा वितरण का कार्य करती है।

अधिकांश लाभार्थी बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दूर-दराज के ऐसे ग्रामीण हैं, जिन्हें नियमित इलाज के लिए जिला अस्पताल तक पहुंचना कठिन होता है। मोबाइल वैन न सिर्फ उनकी दहलीज तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही है, बल्कि नियमित जांच, बीपी, शुगर, मौसमी बीमारियों और महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में भी मदद कर रही है।

अदाणी फाउंडेशन की टीम के सदस्य बताते हैं, सर्वेक्षण के बाद मेडिकल वैन की रूट चार्ट तैयार की गई है ताकि अधिकतम जरूरतमंदों तक यह सेवा पहुंचे। इस पहल से न केवल तत्कालिक स्वास्थ्य लाभ हो रहा है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। ग्रामीण बताते हैं कि पहले उन्हें हल्की बीमारी के लिए भी कस्बा या जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की हानि होती थी। अब यही सेवा उनके गांव में पहुंच रही है, वह भी मुफ्त में।

बोआरीजोर प्रखंड के तेलगामा गांव के स्थानीय निवासी बासकी सोरेन कहते हैं, “पहले छोटे बच्चों के इलाज के लिए हमें 20-25 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। अब डॉक्टर हमारे गांव में आते हैं। इससे हमें बहुत राहत मिली है।”

अदाणी फाउंडेशन न सिर्फ मेडिकल वैन के माध्यम से सेवा दे रहा है, बल्कि समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित कर रहा है, जिनमें विशेष जांच जैसे नेत्र परीक्षण, महिला स्वास्थ्य परीक्षण, और वैक्सिनेशन आदि शामिल होते हैं।

गांवों में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की सीमाओं के बीच अदाणी फाउंडेशन की यह पहल एक आदर्श मॉडल बनकर उभरी है, जो अदाणी पावर की सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। उक्त जानकारी गुरुवार काे पीआरओ प्रवीण कुणार ने दी।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.