Moscow : रूस और अमेरिका के बीच एक बार फिर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही आमने-सामने बैठक की संभावना है। क्रेमलिन ने पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बैठक पर प्रारंभिक सहमति बन चुकी है। यह बैठक संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित की जा सकती है।
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क्रेमलिन के वरिष्ठ विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने जानकारी दी कि अमेरिका की ओर से इस बैठक का प्रस्ताव आया था और दोनों पक्ष अब इसकी तैयारी में जुटे हैं। यह बैठक ऐसे समय पर होने जा रही है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेचैनी बनी हुई है और शांति वार्ता की मांग बढ़ रही है।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी पत्रकारों से बातचीत के दौरान संकेत दिया कि यह शिखर वार्ता संयुक्त अरब अमीरात में हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ संभावित बैठक पर कोई स्पष्ट टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
विशेष बात यह है कि 2021 में जिनेवा में हुई बाइडेन-पुतिन मुलाकात के बाद यह पहली बार होगा जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति के साथ पुतिन आमने-सामने होंगे। हाल ही में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की पुतिन से मुलाकात ने इस संभावित वार्ता की भूमिका तैयार की है।
सूत्रों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को 8 अगस्त तक शांति वार्ता के लिए समय सीमा दी है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि रूस इस वार्ता के लिए तैयार नहीं होता है, तो उस पर कड़े व्यापारिक प्रतिबंध या टैरिफ लगाए जा सकते हैं। ट्रंप की यह सख्त चेतावनी इस बातचीत को और अहम बना देती है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बैठक सफल होती है, तो यूक्रेन युद्ध के समाधान की दिशा में यह एक बड़ी पहल हो सकती है। साथ ही, अमेरिका और रूस के संबंधों में भी नई राह खुल सकती है।



