- ब्रिगेडियर मनोज कुमार झा बोले,बड़े सपने देखें, उन्हें पूरा करने के लिए करें निरंतर मेहनत
मुकेश रंजन
Ranchi : नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल), रांची में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, उत्साह और राष्ट्रीय गौरव की भावना के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर मनोज कुमार झा, कमांडर, 61 इन्फैंट्री ब्रिगेड ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

ध्वजारोहण के बाद परिसर में पौधरोपण किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि, कुलपति एवं अन्य गणमान्य अतिथि प्लेनरी हॉल पहुंचे, जहां दीप प्रज्वलित कर औपचारिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से मुख्य अतिथि का अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।
स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारियों को समझना जरूरी : कुलपति
कुलपति ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक उपलब्धि को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के अर्थ और नागरिकों की जिम्मेदारियों पर चिंतन करने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के रूप में एनयूएसआरएल की जिम्मेदारी केवल कानून के पेशेवर तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है, जो न्याय, गरिमा, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहें।

उन्होंने कानूनी शिक्षा को सामाजिक वास्तविकताओं से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कानूनी सहायता, जन-जागरूकता, नीति संवाद और सामुदायिक कार्यक्रमों की जानकारी दी। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित गांवों को गोद लेने की पहल तथा सेंटर फॉर लेबर लॉज के कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों तक अधिकार और न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है।
कुलपति ने स्वतंत्रता आंदोलन में वकीलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू और सी. राजगोपालाचारी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान के मूल्यों को मजबूत करने, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जिम्मेदार भागीदारी निभाने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों के हित में करने का आह्वान किया।
राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका : ब्रिगेडियर झा
मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर मनोज कुमार झा ने कहा कि एनयूएसआरएल के विधि छात्रों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाना उनके लिए विशेष अनुभव है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन का महत्व समझाते हुए अपने जीवन एवं अनुभवों से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए। छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखे बिना बड़ी सफलता हासिल नहीं की जा सकती। लेकिन केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं है। लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें पूरा करने के लिए पूरी लगन और ईमानदारी से प्रयास करने का आह्वान किया। साथ ही भारतीय सेना में विधि छात्रों एवं विधि स्नातकों के लिए उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी देते हुए उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए सेना में उपलब्ध अवसरों पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया।
देशभक्ति प्रस्तुतियों से गूंजा परिसर:
समारोह के दौरान एनयूएसआरएल के छात्र-छात्राओं ने समूह गीत, समूह नृत्य और देशभक्ति एवं सामाजिक संदेश पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने समारोह में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सरोकार की भावना को और प्रबल कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सहायक कुलसचिव (प्रभारी) ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक फोटो खिंचवाकर समारोह की यादों को संजोया।
संवैधानिक मूल्यों, जिम्मेदार नागरिकता, राष्ट्रसेवा और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के संकल्प के साथ एनयूएसआरएल का 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह संपन्न हुआ।





