हेमंत सोरेन का सख्त निर्देश: हाथी हमलों पर तुरंत लगाम लगाए वन विभाग

Ranchi : झारखंड में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाया है। राजधानी रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हाथियों के हमलों

हेमंत सोरेन का सख्त निर्देश: हाथी हमलों पर तुरंत लगाम लगाए वन विभाग
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Ranchi : झारखंड में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाया है। राजधानी रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हाथियों के हमलों से होने वाली जनहानि पर हर हाल में रोक लगाई जाए और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हाथियों के हमले से एक भी व्यक्ति की मृत्यु न हो, इसके लिए प्रभावी और स्थायी तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने प्रभावित जिलों—रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला और दुमका—की स्थिति पर विशेष चिंता जताई। जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में इन क्षेत्रों में हाथी हमलों से करीब 27 लोगों की जान जा चुकी है।

प्रभावित क्षेत्रों में बनेगी “एलीफेंट रेस्क्यू टीम”

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन इलाकों में हाथियों की गतिविधियां अधिक हैं, वहां ग्रामीणों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर “एलीफेंट रेस्क्यू टीम” गठित की जाए। इसके साथ ही डीजल, किरासन तेल, पुराने टायर, टॉर्च और सोलर सायरन जैसे संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि ग्रामीण समय रहते हाथियों को आबादी से दूर भगा सकें।

उन्होंने ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाने और वन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।

12 दिनों में मुआवजा देने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हाथियों या अन्य वन्य जीवों के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 12 दिनों के भीतर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए। मुआवजा वितरण में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके लिए नियमों में आवश्यक संशोधन कर प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने का निर्देश भी दिया गया।

एलिफेंट कॉरिडोर की होगी मैपिंग

बैठक में सभी एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग कराने और पिछले पांच वर्षों में हुई मौतों व मुआवजा वितरण का पूरा डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। सरकार मानव-हाथी संघर्ष से प्रभावित लोगों को त्वरित और न्यायसंगत सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि हाथी रेस्क्यू के लिए क्विक रिस्पांस मैकेनिज्म तैयार किया जा रहा है। छह कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं, जिनकी मदद से हाथियों की ट्रैकिंग और नियंत्रण आसान होगा। विशेषज्ञों की सहायता भी ली जाएगी।

हजारीबाग क्षेत्र में सक्रिय पांच आक्रामक हाथियों के झुंड को नियंत्रित करने के लिए 70 सदस्यीय टीम तैनात की गई है और वन विभाग अलर्ट मोड में काम कर रहा है।

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