New Delhi : सीमित संसाधनों में अधिक उत्पादन और खेती की लागत घटाने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए ICAR-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) ने ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए अनोखा प्रयोग सफल किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संस्थान का दौरा कर इन नवाचारों को “स्मार्ट फार्मिंग का भविष्य” बताया।
वैज्ञानिकों ने दो अलग-अलग प्रजातियों के पौधों को जोड़कर ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे एक ही पौधे से दो फसलें ली जा सकती हैं।
क्या है ‘पोमेटो’ (Pomato)?
पोमेटो में टमाटर और आलू के पौधों को ग्राफ्टिंग तकनीक से जोड़ा गया है।
- जमीन के ऊपर लाल-लाल टमाटर फलते हैं।
- उसी पौधे की जड़ों में मिट्टी के नीचे आलू उगते हैं।
इस तरह एक ही पौधे से दो अलग-अलग सब्जियां मिलती हैं।
क्या है ‘ब्रिमेटो’ (Brimato)?
ब्रिमेटो में बैंगन और टमाटर को एक साथ उगाया गया है।
- एक ही पौधे पर बैंगन और टमाटर दोनों फलते हैं।
यह तकनीक सब्जी उत्पादन में विविधता और आय बढ़ाने में सहायक मानी जा रही है।
किसानों को क्या होगा फायदा?
- भूमि, पानी और पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग
- एक ही खेत और एक ही मेहनत में दो फसलें
- उत्पादन लागत में कमी
- छोटे किसानों के लिए आधी जगह में दोगुनी पैदावार
- मिट्टी जनित रोगों के प्रति अधिक सहनशीलता
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
मंत्री के निर्देश: लैब से खेत तक पहुंचे तकनीक
समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन नवाचारों को केवल प्रयोगशाला तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जल्द से जल्द किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण बीज और ग्राफ्टेड पौधे उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही आधुनिक नर्सरी के जरिए तैयार पौध किसानों को दिए जाएं, ताकि उन्हें शुरुआती चरण में ही बेहतर परिणाम मिल सकें।
यह पहल भारत में स्मार्ट और टिकाऊ खेती की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

