Ranchi : झारखंड सरकार और इंडियन बैंक के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता विशेष रूप से राज्य के स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से जुड़े हजारों कर्मियों के लिए लाभकारी साबित होगा।
यह एमओयू झारखंड मंत्रालय में आयोजित एक समारोह के दौरान हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता राज्य सरकार और इंडियन बैंक के बीच एक नई शुरुआत है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
उन्होंने कहा कि जीवन में कई बार ऐसे समय आते हैं जब व्यक्ति खुद को असहाय महसूस करता है, विशेषकर स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के दौरान। कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक आपदा ने स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को और अधिक स्पष्ट किया।
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी अक्सर जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं, जहां संक्रमण का खतरा बना रहता है। ऐसे में उनके लिए बीमा और वित्तीय सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे निश्चिंत होकर अपनी सेवाएं दे सकें।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस एमओयू के तहत मिलने वाला वेतन खाता और एचआरआईएस पैकेज एनएचएम कर्मियों को आर्थिक सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, जिससे वे और अधिक समर्पण के साथ कार्य कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने इंडियन बैंक के अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह साझेदारी न केवल स्वास्थ्य कर्मियों के लिए लाभकारी होगी, बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल बैंकिंग के विस्तार से भविष्य में श्रमिक वर्ग भी बैंकिंग सेवाओं से अधिक जुड़ सकेगा।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम के सभी कर्मियों से इस विशेष पैकेज का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार तथा इंडियन बैंक के एमडी-सीईओ विनोद कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

