मुकेश रंजन
रांची: झारखंड अगेंस्ट करप्शन ने ऐदलहातू क्षेत्र में मुण्डा समाज की पवित्र मसना (समाधि) भूमि को भू-माफियाओं द्वारा कथित रूप से बेचे जाने की घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने इसे न केवल अवैध कृत्य बल्कि आदिवासी परंपरा, आस्था और पहचान पर सीधा हमला बताया है।
संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष दुर्गा उरांव मुंडा ने कहा कि न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अनुसूचित जनजातियों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना उपायुक्तों की जिम्मेदारी है। साथ ही सभी उपायुक्तों एवं अंचल अधिकारियों को जनजातीय भूमि की रक्षा हेतु सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद जालसाजी कर जनजातीय जमीनों पर अवैध कब्जा और बिक्री की घटनाएं सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने मांग की कि उपायुक्त रांची इस पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए निष्पक्ष जांच कराएं और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो जनहित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। यह मामला केवल जमीन का नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा से जुड़ा है।



