Ayodhya : अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से प्राप्त शिकायत के आधार पर जिला प्रशासन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से वित्तीय विवरण मांगा, लेकिन ट्रस्ट ने चल रही विशेष जांच टीम (SIT) की जांच का हवाला देते हुए जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।
बीजेपी नेता ने PMO से की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, स्थानीय भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन, दान, चढ़ावे और भूमि खरीद-बिक्री में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की थी।
उन्होंने यह भी आग्रह किया था कि ट्रस्ट अपनी स्थापना से अब तक के आय-व्यय, दान, बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन का पूरा विवरण सार्वजनिक करे।
PMO ने जिला प्रशासन को भेजा मामला
शिकायत मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले को अयोध्या जिला प्रशासन को भेजा। इसके बाद जिला प्रशासन ने ट्रस्ट से मांगी गई जानकारियों के संबंध में संपर्क किया।
सूत्रों के अनुसार, 23 जून को एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने एडीएम (प्रशासन) विशु राजा को लिखे पत्र में बताया कि उन्होंने इस संबंध में ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai से जानकारी मांगी थी।
SIT जांच का हवाला देकर जानकारी देने से इनकार
बताया गया कि चंपत राय ने कहा कि मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है और जांच एजेंसी आवश्यक दस्तावेज व रिकॉर्ड एकत्र कर रही है। ऐसे में फिलहाल मांगी गई वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
शिकायत में क्या-क्या जानकारी मांगी गई?
भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने अपनी शिकायत में निम्नलिखित जानकारियां सार्वजनिक करने की मांग की थी—
- ‘समर्पण निधि’ अभियान के तहत प्राप्त धनराशि
- विभिन्न माध्यमों से प्राप्त दान
- सोना, चांदी और आभूषणों के रूप में मिले चढ़ावे
- बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन का विवरण
- भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज
- मंदिर निर्माण एवं प्रशासनिक खर्च का ब्यौरा
- ऑडिट और निरीक्षण रिपोर्ट
जांच जारी
फिलहाल इस मामले में SIT की जांच जारी है। ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि जांच पूरी होने तक वित्तीय दस्तावेज और अन्य संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। वहीं, मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।



