- झारखंड की भाषा, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण में उनके योगदान को किया गया याद
मुकेश रंजन
Ranchi : झारखंड आंदोलनकारी, इतिहासकार, साहित्यकार एवं संस्कृति प्रेमी डॉ. बीपी केसरी की दसवीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को नागपुरी संस्थान पिठोरिया एवं प्रेम मंजरी उच्च विद्यालय, पिठोरिया के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने डॉ. केसरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण किया।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. बीपी केसरी का संपूर्ण जीवन झारखंड की सभ्यता, संस्कृति, भाषा, साहित्य, रीति-रिवाज और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उन्होंने नागपुरी भाषा-साहित्य को समृद्ध करने के साथ झारखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. केसरी का स्पष्ट मानना था कि किसी भी समाज की असली पहचान उसकी भाषा, संस्कृति और परंपरा से होती है। उन्होंने इन मूल्यों को बचाए रखने के लिए जीवनभर निरंतर प्रयास किया। आज उनकी पुण्यतिथि पर उनके विचारों को आत्मसात करना और उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में विजय पांडेय, सुसित तिर्की, अनूप रंजन, नीरज देव, आशीष भुइंया, सचित राणा, संगीता , राजेश,मोनिका, नित्या, शिवानी, रीना, सरिता, सोबिता, मुकेश रंजन सहित कई लोग मौजूद रहे। सभी ने डॉ. बीपी केसरी के बताए मार्ग पर चलने तथा झारखंड की भाषा-संस्कृति और विरासत के संरक्षण में योगदान देने का संकल्प लिया।





