- पटना के गांधी मैदान में CM सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस पर बिहार के विकास का रोडमैप बताया। निवेश, रोजगार, महिला सुरक्षा, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई घोषणाएं कीं।
Patna : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहली बार तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। अपने संबोधन में उन्होंने बिहार के विकास, रोजगार, निवेश, महिला सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं और आगामी योजनाएं गिनाईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सेवा, संकल्प और समर्पण की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य राज्य के हर नागरिक को समान अवसर और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देना है।
30 दिन में शिकायतों के निपटारे पर जोर
मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर का उल्लेख करते हुए कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए 30 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब तक 6,46,181 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें करीब 95 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है।
लापरवाही के मामले में 17,773 अधिकारियों-कर्मचारियों को पहला नोटिस, 860 को दूसरा और 48 को तीसरा नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायत के समाधान से संतुष्ट नहीं होने वाले लोगों के लिए आगे शिकायत करने की व्यवस्था भी है।
गांवों के विकास को प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर महीने के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस के अवसर पर विकास योजनाओं की समीक्षा की जा रही है।
महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिहार में वर्तमान में 32,450 महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं और महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण का काम भी जारी है।
रक्षाबंधन के दिन से ‘पुलिस दीदी’ सेवा शुरू करने की बात कही गई। स्कूल और कॉलेजों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए करीब 5,000 बाइक और स्कूटी उपलब्ध कराई गई हैं।
आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए ERSS के माध्यम से एंबुलेंस, अग्निशमन और पुलिस समेत अन्य सेवाओं को जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार बिहार पुलिस करीब 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचने की दिशा में काम कर रही है।
नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बिहार की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि 27 वर्ष पहले संयुक्त बिहार का बजट 6,000 करोड़ रुपये था, जबकि आज राज्य का बजट बढ़कर 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। इससे उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 100 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया गया है और 14,600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योग लगाने वालों से बिहार सरकार 30 प्रतिशत सामान खरीदेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि एक दिन में पांच स्टील प्लांट के लिए 51 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
4.25 लाख BPL परिवारों को मुफ्त सोलर पैनल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 4 लाख 25 हजार बीपीएल परिवारों के घरों में सरकार मुफ्त सोलर पैनल लगवाएगी। इससे गरीब परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि करीब 60 लाख किसानों को डिजिटल रूप से जोड़ा गया है। किसानों को उनके क्षेत्र के मौसम की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे मौसम के अनुसार कृषि संबंधी निर्णय ले सकें।
बिहार में 10 चीनी मिलों के चालू होने और जल्द पांच और चीनी मिल स्थापित किए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
पटना से गया 30 मिनट में पहुंचने का लक्ष्य
परिवहन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में इसे और बेहतर बनाया जाएगा। रैपिड रेल के माध्यम से भविष्य में पटना से गया की दूरी करीब 30 मिनट में तय करने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि करीब 1 लाख करोड़ रुपये का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना है। उन्होंने इसे गुरुग्राम और चंडीगढ़ की तरह विकसित करने की बात कही, जिसमें टाउनशिप के साथ औद्योगिक हब भी होंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट का काम इसी महीने शुरू होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ बिहार के हर वर्ग तक पहुंचे।





