बिहार में नई रेफरल नीति लागू, मरीजों को बड़े अस्पताल भेजने से पहले 3 शर्तें जरूरी

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now बिहार में 15 अगस्त 2026 से नई रेफरल नीति लागू होगी। मरीजों को रेफर करने से पहले स्थिति स्थिर करना, भाव्या पोर्टल पर कारण दर्ज करना और सरकारी एंबुलेंस जरूरी होगी। Patna : बिहार में

बिहार में नई रेफरल नीति लागू, मरीजों को बड़े अस्पताल भेजने से पहले 3 शर्तें जरूरी
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  • बिहार में 15 अगस्त 2026 से नई रेफरल नीति लागू होगी। मरीजों को रेफर करने से पहले स्थिति स्थिर करना, भाव्या पोर्टल पर कारण दर्ज करना और सरकारी एंबुलेंस जरूरी होगी।

Patna : बिहार में 15 अगस्त 2026 से नई रेफरल नीति लागू हो रही है। इसका उद्देश्य जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों से बड़े अस्पतालों में होने वाले अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाना है। नई व्यवस्था के तहत मरीज को रेफर करने से पहले उसकी स्थिति स्थिर करना, रेफरल का स्पष्ट कारण भाव्या डिजिटल पोर्टल पर दर्ज करना और सरकारी एंबुलेंस से भेजना जरूरी होगा।

इस व्यवस्था से पीएमसीएच, एनएमसीएच और आईजीआईएमएस जैसे बड़े अस्पतालों में सामान्य मरीजों की भीड़ कम करने और गंभीर व विशेष श्रेणी के मरीजों के उपचार पर अधिक ध्यान देने की कोशिश की जाएगी।

रेफरल से पहले मरीज की हालत स्थिर करना जरूरी

नई नीति के तहत किसी मरीज को आगे रेफर करने के लिए डॉक्टर को स्पष्ट और ठोस चिकित्सीय कारण बताना होगा। गंभीर मरीजों को सीधे दूसरे अस्पताल भेजने के बजाय पहले प्राथमिक उपचार देकर उनकी स्थिति स्थिर करनी होगी।

बिना ठोस या गंभीर बीमारी के सामान्य मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

भाव्या पोर्टल पर दर्ज होगी पूरी जानकारी

रेफर किए जाने वाले मरीज के उपचार की पूरी जानकारी और रेफरल का कारण भाव्या डिजिटल पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना होगा।

मरीज या उसके स्वजन को उपचार और रेफरल से जुड़े सभी रिकॉर्ड की कंप्यूटरीकृत कॉपी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

रेफरल के लिए सरकारी एंबुलेंस अनिवार्य

रेफर किए जाने वाले मरीजों के लिए सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था अनिवार्य होगी। इससे मरीजों को रेफर किए जाने के बाद अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा।

नई नीति के तहत रेफरल के तीन प्रमुख नियम होंगे:

  1. रेफर करने से पहले मरीज की स्थिति स्थिर करनी होगी।
  2. उपचार और रेफरल का कारण भाव्या पोर्टल पर दर्ज करना होगा।
  3. रेफर किए गए मरीज को सरकारी एंबुलेंस से भेजना होगा।

जिला अस्पतालों में मजबूत होगी चिकित्सा व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य के सभी 36 जिला अस्पतालों में 70 प्रकार की सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच की सुविधा आठों पहर उपलब्ध रहेगी, जिसमें ब्लड टेस्ट और एमआरआई जैसी जांच शामिल हैं।

जिन जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, वहां दूसरे अस्पतालों से रोटेशन के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं ली जाएंगी। इससे जिला स्तर पर ही मरीजों को अधिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

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