- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में राज्यभर से कुल 137 आवेदक पहुंचे, जिनकी शिकायतों और समस्याओं पर सुनवाई की गई।
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में राज्यभर से कुल 137 आवेदक पहुंचे, जिनकी शिकायतों और समस्याओं पर सुनवाई की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि आम लोगों की शिकायतों का समय-सीमा के भीतर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार का दायित्व है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
30 दिन के अंदर समाधान का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सहयोग शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान अधिकतम 30 दिनों के अंदर करने का प्रयास किया जाए। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ मामलों का निष्पादन करें।
उन्होंने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के जरिए लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान हो रहा है, जिससे सरकार के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है। इस भरोसे को बनाए रखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
कई विभागों से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई
कार्यक्रम में राज्यभर से आए लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। इनमें राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण और समाज कल्याण विभाग से जुड़े मामले शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदकों की समस्याओं का निर्धारित समय-सीमा में समाधान किया जाए।
जिला स्तर पर समाधान नहीं तो पटना आएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों की शिकायतों का समाधान जिला स्तर पर ही हो गया है, उन्हें पटना आने की जरूरत नहीं है। वहीं, जिन मामलों का समाधान जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा है या जो मामले जटिल हैं, वे राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में आकर अपनी समस्या रख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की दोबारा जांच कर न्यायसंगत और जल्द फैसला लिया जाएगा।
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वृद्धा पेंशन और राशन कार्ड पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया कि वृद्धा पेंशन और राशन कार्ड के पात्र आवेदकों को जल्द से जल्द सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल तकनीकी कारणों से सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि शिकायतों का सिर्फ निपटारा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता को संतुष्ट करना भी जरूरी है।
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लापरवाही पर सीएम की सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी आवेदन के निष्पादन में पूरा सहयोग दें। शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी भी जुड़े रहे।


