पटना: बिहार में हेरोइन की लगातार हो रही बरामदगी ने पुलिस और जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सितंबर महीने में राज्य के अलग-अलग जिलों में कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में हेरोइन पकड़ी गई है। इन मामलों के सामने आने के बाद पुलिस अब केवल स्थानीय तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सप्लाइ नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बिहार में नशीले पदार्थों की खेप कहां से पहुंच रही है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
फतुहा में 48 ग्राम हेरोइन के साथ तीन गिरफ्तार
सोमवार को बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने फतुहा थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान 48 ग्राम हेरोइन के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर पुलिस उनके नेटवर्क और सप्लाइ से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
असम के बदरपुर से बिहार आती थी खेप
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपित कई वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय थे। आरोप है कि वे असम के बदरपुर से हेरोइन की खेप लेकर बिहार पहुंचते थे और इसके बाद अलग-अलग इलाकों में सप्लाइ करते थे। गिरफ्तार तीनों आरोपित वैशाली जिले के रहने वाले बताए गए हैं। इनमें राघोपुर थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर निवासी चंदन कुमार, मल्लेपुर निवासी आकाश कुमार और रुस्तमपुर निवासी गौतम कुमार शामिल हैं।
जेपी सेतु के पास 274 ग्राम हेरोइन जब्त
पटना में भी पुलिस ने हेरोइन तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जेपी सेतु टीओपी के पास रविवार देर रात वाहन जांच के दौरान 274 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार के अलावा चार स्मार्टफोन भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपितों में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के संजय निषाद और रवि तिवारी, गोपालगंज के बंटी पांडेय और मुन्ना साह शामिल हैं।
सितंबर में कई जगह हुई बरामदगी
सितंबर में बिहार के अलग-अलग हिस्सों में हेरोइन के खिलाफ कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बख्तियारपुर, रुपसपुर, बरौनी, बाबूबरही, तुकीं, बेगूसराय और किशनगंज में भी हेरोइन बरामद की गई है। इन कार्रवाइयों के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग मामलों के बीच संभावित कनेक्शन का पता लगाना है।
आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
जेपी सेतु मामले में गिरफ्तार कुछ आरोपितों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार बंटी पांडेय के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, शराब तस्करी और लूट की साजिश से जुड़े मामले दर्ज हैं। वहीं मुन्ना साह के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पुलिस अब सभी आरोपितों के पुराने रिकॉर्ड की जांच के साथ उनके संपर्कों का भी पता लगा रही है।
सप्लायर और फाइनेंसर तक पहुंचने की कोशिश
जांच एजेंसियों का फोकस अब सिर्फ गिरफ्तार आरोपितों तक नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हेरोइन की खेप उपलब्ध कराने वाले लोग कौन हैं और बिहार में इसकी सप्लाइ के पीछे किस तरह का नेटवर्क काम कर रहा है। सप्लायर, कैरियर, खरीदार और आर्थिक मदद करने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा असम के बदरपुर और पूर्वोत्तर के अन्य इलाकों से जुड़े संभावित कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं।
अंतरराज्यीय नेटवर्क पर पुलिस की नजर
लगातार हो रही बरामदगी के बाद जांच का दायरा बिहार से बाहर तक बढ़ गया है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि अलग-अलग जिलों में पकड़ी गई खेपों के बीच कोई साझा कड़ी है या नहीं। अगर इन मामलों के बीच कनेक्शन सामने आता है, तो बिहार में सक्रिय बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। फिलहाल जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।



