भागलपुर: विक्रमशिला सेतु से आने-जाने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि पुल की स्थायी मरम्मत का काम तेजी से किया जाएगा और नए साल से पुल पर सभी तरह के वाहनों का आवागमन सामान्य करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने भागलपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर कम होने के बाद पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम आगे बढ़ाया जाएगा।
1 अक्टूबर से शुरू होगा मरम्मत का काम
मुख्यमंत्री के अनुसार, 1 अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज को हटाने और स्थायी मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से में स्थायी स्लैब लगाने का काम होगा। सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर तक स्थायी स्लैब का काम पूरा करना है। इसके बाद जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर नए साल में सभी वाहनों के लिए पुल को सामान्य रूप से खोलने की तैयारी है।
मरम्मत के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था
बेली ब्रिज हटने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पुल पर आवागमन प्रभावित हो सकता है। लोगों की सुविधा के लिए इस अवधि में गंगा के रास्ते वैकल्पिक यातायात व्यवस्था करने की बात कही गई है। जिला प्रशासन की ओर से नाव और जहाजों की व्यवस्था रखने की योजना है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग नदी मार्ग से आवागमन कर सकें।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से हुई देरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले विक्रमशिला सेतु का काम 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण निर्माण कार्य में परेशानी आई और समयसीमा प्रभावित हुई। अब जलस्तर कम होने के बाद मरम्मत का काम फिर तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है।
4 मई को टूटकर गंगा में गिरा था स्लैब
विक्रमशिला सेतु पर 4 मई की मध्यरात्रि भागलपुर की ओर पुल का एक बड़ा स्लैब टूटकर गंगा में गिर गया था। यह घटना पिलर नंबर 133 के आसपास हुई थी। करीब 25 मीटर लंबे स्लैब के टूटने के बाद पुल पर आवागमन रोक दिया गया था। बाद में यातायात को सीमित रूप से जारी रखने के लिए बीआरओ की मदद से बेली ब्रिज तैयार किया गया।
नए साल में मिल सकती है बड़ी राहत
विक्रमशिला सेतु भागलपुर के साथ-साथ कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज समेत कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पुल की स्थायी मरम्मत पूरी होने से इन क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।अब लोगों की नजर 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले काम और 31 दिसंबर की निर्धारित समयसीमा पर है। यदि काम तय समय के अनुसार पूरा हुआ, तो नए साल से पुल पर सभी वाहनों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद है।


