Patna: बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच अब तक 1 करोड़ 76 लाख 25 हजार थाली सुबह-शाम का भोजन वितरित किया जा चुका है। इसके लिए फिलहाल राज्य में 706 कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवागमन की सुविधा बनाए रखने के लिए अलग-अलग जिलों में 819 सरकारी नावों का परिचालन कराया जा रहा है। वहीं, राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 9 टीमें तैनात की गई हैं।
15 जिलों के 49.72 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 576 ग्राम पंचायतों में करीब 49.72 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।
10 राहत शिविरों में करीब 10 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था
राज्य में फिलहाल 10 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। इन शिविरों में 9,866 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने, भोजन और चिकित्सा समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच अब तक करीब 4.45 लाख पॉलीथीन शीट, लगभग 87,500 ड्राई राशन पैकेट और करीब 1,400 फूड पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
मवेशियों के लिए 17,881 क्विंटल पशुचारा बांटा गया
बाढ़ के दौरान पशुओं की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन की ओर से इंतजाम किए जा रहे हैं। राज्य में अब तक कुल 17,881 क्विंटल पशुचारा वितरित किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के साथ-साथ मवेशियों को भी सुरक्षित रखने पर प्रशासन का जोर है।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार की कई प्रमुख नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डुमरिया घाट में गंडक, बलतारा और कुर्सेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, बेनीबाद में बागमती, खुतौना में भुतही बलान और पटना के गांधीघाट व हाथीदह के अलावा भागलपुर और कहलगांव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है। हालांकि, कुछ स्थानों पर नदियों के जलस्तर में स्थिरता या गिरावट भी दर्ज की गई है। वीरपुर बराज के पास कोसी और वाल्मीकिनगर बराज के पास गंडक का जलस्तर स्थिर है, जबकि इंद्रपुरी बराज के पास सोन नदी का पानी घट रहा है।
अगले दो दिनों में बारिश का अनुमान
बिहार मौसम सेवा केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बहुत हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और जरूरत के अनुसार राहत-बचाव कार्य संचालित करने की बात कही है।



