Varanasi: पांडेयपुर इलाके में खबर से जुड़ी जानकारी जुटाने पहुंचे एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। पत्रकार ने एक पुलिसकर्मी पर गाली-गलौज करने, हाथ मरोड़ने और मोबाइल छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। घटना से नाराज पत्रकारों ने लालपुर थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पत्रकार की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, वह एक खबर के सिलसिले में जानकारी लेने पांडेयपुर पुलिस चौकी जा रहे थे। इसी दौरान चौकी में मौजूद पुलिसकर्मी से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि मामला बढ़ने पर पुलिसकर्मी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
वीडियो बनाने पर हाथ मरोड़ने का आरोप
पत्रकार का आरोप है कि घटना के दौरान उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिसकर्मी ने उनका हाथ मरोड़ दिया और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। तहरीर में पुलिसकर्मी पर गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया गया है। पत्रकार के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम चौकी प्रभारी की मौजूदगी में हुआ। मामले में एक अहम बिंदु चौकी में लगे CCTV कैमरे भी हैं। पत्रकार की ओर से कहा गया है कि घटना के दौरान का फुटेज कैमरों में रिकॉर्ड हुआ होगा। ऐसे में CCTV फुटेज सामने आने के बाद घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
थानेदार की प्रतिक्रिया से नाराज पत्रकार
घटना के बाद पत्रकार ने मामले की शिकायत की। आरोप है कि थानेदार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने से पत्रकारों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद बड़ी संख्या में पत्रकार लालपुर थाने के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ पत्रकारों ने अर्धनग्न होकर भी विरोध जताया। पत्रकारों ने मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पत्रकारों ने रखीं ये मांगें
विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों की ओर से मुख्य रूप से—
- संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई
- घटना की निष्पक्ष जांच
- CCTV फुटेज की जांच
- पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार की जांच
- शिकायत पर उचित कार्रवाई
की मांग उठाई गई।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान बेहद शर्मनाक !
वाराणसी में मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट की पुलिस द्वारा पत्रकारों से अभद्रता किए जाने का मामला बेहद निंदनीय है, अर्धनग्न अवस्था में सड़कों पर उतरे हैं कलमकार।
मामले की जांच हो, आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हो कार्रवाई। pic.twitter.com/3TgBMRO3Ia
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) September 23, 2026
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
मामले के सामने आने के बाद वाराणसी पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, घटना में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे मामलों में CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ सकती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चौकी में वास्तव में क्या हुआ था और विवाद की शुरुआत किस परिस्थिति में हुई।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
पत्रकारों के प्रदर्शन के बाद मामले ने स्थानीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। अब नजर पुलिस प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर है। फिलहाल, पत्रकार की तहरीर में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला चर्चा में है। CCTV फुटेज और पुलिस जांच के निष्कर्ष इस विवाद में अहम भूमिका निभा सकते हैं। प्रशासन की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।



