500 साल बाद अयोध्या राम मंदिर शिखर पर पीएम मोदी ने फहराया धर्म ध्वज

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now Ayodhya : पाँच सौ वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद सनातन समाज ने वह ऐतिहासिक क्षण देखा, जब भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराया गया। मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त में

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Ayodhya : पाँच सौ वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद सनातन समाज ने वह ऐतिहासिक क्षण देखा, जब भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराया गया। मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त में ठीक 11:45 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिमोट के माध्यम से ध्वजारोहण सम्पन्न किया। 44 फीट लंबा और लगभग 700 टन वजनी अष्टधातु के दंड पर स्थापित विशाल भगवा ध्वज मात्र कुछ ही मिनटों में मंदिर के शिखर पर पहुँच गया। जैसे ही ध्वज शिखर पर लहराया, पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।

त्रेता युग के बाद पहली बार राम मंदिर पर 10 फीट ऊँचा और 20 फीट चौड़ा त्रिकोणीय ध्वज फहराया गया। ध्वज पर भगवान श्रीराम की प्रतिमा, वीरता का प्रतीक सूर्य, पवित्र “ॐ” और कोविदार वृक्ष का चित्र अंकित है। धार्मिक ग्रंथों में कोविदार को रामराज्य के राजचिह्न के रूप में वर्णित किया गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ RSS प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी मौजूद रहे।

ध्वजारोहण से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भव्य रोड शो किया। इसके बाद उन्होंने सप्तऋषि मंदिर में महर्षि वशिष्ठ, अगस्त्य, विश्वामित्र, वाल्मीकि, माता शबरी, निषादराज गुह और देवी अहिल्या के दर्शन किए। तत्पश्चात शेषावतार मंदिर और माँ अन्नपूर्णा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। अंत में गर्भगृह पहुँचकर रामलला के दर्शन, पूजन और आरती उतारी।

विवाह पंचमी के पावन मुहूर्त में संपन्न इस आयोजन के लिए संपूर्ण अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया था। पांच सौ क्विंटल से अधिक ताजे फूलों से सजे रामपथ, रोशन मार्ग, भव्य चौक और 3000 से अधिक फूलों के गमलों ने पूरे शहर को दिव्यता से भर दिया। हवा में फूलों की सुगंध और गलियों में गूंजती रामधुन ने अयोध्या को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।

ध्वजारोहण के साथ ही श्रीराम मंदिर निर्माण की अंतिम औपचारिकता पूरी हो गई और भारतीय इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय दर्ज हो गया।

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