शिकायत के बाद प्रखंड मुख्यालय से हटाया गया निजी सुरक्षा एजेंसी का कैंप, रजिस्ट्रेशन शुल्क वसूली पर उठे सवाल

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now मुकेश रंजन Ranchi : राज्य के युवाओं को रोजगार देने के नाम पर मंगलवार को कांके प्रखंड मुख्यालय परिसर में लगाए गए निजी सुरक्षा एजेंसी एसआईएस के भर्ती कैंप को अभ्यर्थियों से कथित तौर पर

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मुकेश रंजन
Ranchi : राज्य के युवाओं को रोजगार देने के नाम पर मंगलवार को कांके प्रखंड मुख्यालय परिसर में लगाए गए निजी सुरक्षा एजेंसी एसआईएस के भर्ती कैंप को अभ्यर्थियों से कथित तौर पर रजिस्ट्रेशन शुल्क वसूले जाने की शिकायत के बाद हटा दिया गया। गार्ड और सुपरवाइजर के पद पर भर्ती के लिए पहुंचे युवाओं से शुल्क लिए जाने की शिकायत कुछ अभ्यर्थियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार और अंचल अधिकारी अमित भगत से की।

शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली। इस दौरान रजिस्ट्रेशन शुल्क लिए जाने की बात सामने आने पर अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया। इसके बाद भर्ती कैंप में मौजूद एजेंसी के कर्मी वहां से चले गए। बताया गया कि एजेंसी की ओर से पहले अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों से ही रजिस्ट्रेशन शुल्क लेने की बात कही गई थी।

पुराने मामलों को लेकर भी एजेंसी पर सवाल:

स्थानीय स्तर पर एसआईएस के पूर्व कार्यों को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आते रहे हैं। आरोप है कि सीआईपी, बीएयू और रिनपास में कार्यरत निजी सुरक्षा कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ और बोनस सहित निर्धारित लाभ नहीं दिए गए। इस मामले को लेकर बीएयू और सीआईपी के कुछ सुरक्षा कर्मियों ने श्रम न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया था।

दावा किया जा रहा है कि लंबी सुनवाई के बाद श्रम न्यायालय ने बकाया एरियर के रूप में एजेंसी को बड़ी राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। हालांकि, संबंधित सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

‘रोजगार के नाम पर युवाओं से वसूली क्यों? :

भर्ती कैंप को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बहस छेड़ दी है। यदि किसी निजी एजेंसी को सरकारी प्रखंड मुख्यालय परिसर में भर्ती कैंप लगाने की अनुमति दी जाती है, तो वहां अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की राशि की वसूली हो रही है या नहीं, इसकी निगरानी की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

अभ्यर्थियों का सवाल है कि रोजगार की तलाश में सरकारी परिसर पहुंचने वाले युवाओं से कथित शुल्क वसूली की नौबत आखिर क्यों आई? शिकायत के बाद कैंप हटाए जाने से प्रशासन की त्वरित कार्रवाई जरूर सामने आई है, लेकिन एजेंसी को विभिन्न प्रखंडों में भर्ती कैंप लगाने की अनुमति देने से पहले उसके पुराने विवादों और श्रम संबंधी मामलों की जांच की मांग भी उठ रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं को रोजगार के नाम पर किसी प्रकार की आर्थिक ठगी से बचाने के लिए प्रशासन को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही, निजी सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ पूर्व में लगाए गए आरोपों और श्रम न्यायालय से जुड़े मामलों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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