BPSC TRE 4 में बड़ा बदलाव: भाषा पासिंग मार्क्स से टाई-ब्रेकर तक नया नियम

BPSC TRE 4 में भाषा पेपर के न्यूनतम पासिंग मार्क्स, नए टाई-ब्रेकर नियम, प्रश्नों के स्तर और आवेदन से ज्वाइनिंग तक सख्त बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है। Patna : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा BPSC TRE 4 का नोटिफिकेशन

BPSC TRE 4 में बड़ा बदलाव: भाषा पासिंग मार्क्स से टाई-ब्रेकर तक नया नियम
  • BPSC TRE 4 में भाषा पेपर के न्यूनतम पासिंग मार्क्स, नए टाई-ब्रेकर नियम, प्रश्नों के स्तर और आवेदन से ज्वाइनिंग तक सख्त बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है।

Patna : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा BPSC TRE 4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। अभ्यर्थी परीक्षा के पैटर्न में बदलाव का विरोध करते हुए एक चरण में परीक्षा कराने और नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, TRE के पिछले चरणों की तुलना में TRE 4 में परीक्षा और चयन प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इनमें 30 अंकों के भाषा पेपर में न्यूनतम पासिंग मार्क्स, बराबर अंक आने पर नया टाई-ब्रेकर नियम, प्रश्नों के स्तर में बदलाव और आवेदन से लेकर नियुक्ति तक अभ्यर्थियों की पहचान की सख्त व्यवस्था शामिल है।

भाषा के 30 अंकों में पास होना होगा जरूरी

TRE 2 में 30 अंकों के भाषा पेपर के पासिंग मार्क्स समाप्त किए जाने को लेकर विवाद हुआ था। अभ्यर्थियों ने मेरिट सूची प्रभावित होने की आशंका जताते हुए इसका विरोध किया था।

TRE 4 में हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषा के 30 अंकों के पेपर में न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। हालांकि, अंतिम मेरिट सूची तैयार करने में इन 30 अंकों को शामिल नहीं किया जाएगा।

मेरिट के लिए 120 अंकों के सामान्य ज्ञान और मुख्य विषय के अंक महत्वपूर्ण होंगे। यानी भाषा में पास होना जरूरी होगा, लेकिन मेरिट मुख्य विषय और सामान्य ज्ञान के अंकों के आधार पर तय होगी।

बराबर अंक आने पर ऐसे होगा टाई-ब्रेकर

TRE के पिछले चरणों में दो अभ्यर्थियों के बराबर अंक आने पर अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जाती थी। इसके बाद नाम के पहले अक्षर के आधार पर प्राथमिकता तय करने का नियम प्रभावी था।

TRE 4 में टाई-ब्रेकर की व्यवस्था बदल दी गई है। अब सबसे पहले मुख्य विषय के अंकों को देखा जाएगा। यदि मुख्य विषय में भी दोनों अभ्यर्थियों के अंक समान रहते हैं तो 30 अंकों वाले भाषा पेपर में प्राप्त अंकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इसके बाद भी बराबरी की स्थिति रहने पर उम्र और नाम के पहले अक्षर के आधार पर पुराना नियम लागू होगा।

प्रश्नों का स्तर भी बदला

TRE 4 में प्रश्नों के स्तर को लेकर भी बदलाव किया गया है। पिछले चरणों में कुछ विषयों में निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर अथवा अपेक्षाकृत कठिन प्रश्न पूछे जाने की शिकायतें सामने आई थीं।

इस बार प्रश्न संबंधित पद की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के स्तर के आधार पर पूछे जाने की बात कही गई है। प्राथमिक और मध्य विद्यालय स्तर के शिक्षकों के लिए प्रश्नों का स्तर 10वीं से 12वीं कक्षा के अनुरूप रहेगा।

वहीं, कक्षा नौवीं से 12वीं तक के शिक्षकों के लिए प्रश्न स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के होंगे। प्रश्नों में NCERT और SCERT की पुस्तकों की मूल अवधारणाओं और विषय की समझ को प्राथमिकता दी जाएगी।

आवेदन से ज्वाइनिंग तक सख्त पहचान सत्यापन

पिछली शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी से जुड़े मामले सामने आने के बाद TRE 4 में अभ्यर्थियों की पहचान और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक सख्त किया गया है।

आवेदन के दौरान कंप्यूटर के वेबकैम से लाइव और स्पष्ट फोटो लेना जरूरी होगा। आरक्षण, नॉन क्रीमीलेयर (NCL) और EWS प्रमाणपत्र भी आवेदन की अंतिम तिथि से पहले जारी होना चाहिए।

परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी की पहचान के साथ-साथ नियुक्ति और ज्वाइनिंग तक आधार आधारित फिंगरप्रिंट और फेसियल स्कैनिंग के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने और दस्तावेजों में फर्जीवाड़े की आशंका को कम करना है।

एक नजर में समझें BPSC TRE 4 में क्या बदला

पहलू TRE 1, 2 और 3 TRE 4
भाषा का पेपर TRE 2 में पासिंग मार्क्स अचानक हटा दिया गया था 30 अंकों के भाषा पेपर में न्यूनतम पासिंग मार्क्स जरूरी
नेगेटिव मार्किंग नहीं थी इस बार भी नहीं होगी
प्रश्नों का स्तर सिलेबस से बाहर या कठिन प्रश्नों की शिकायत न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के स्तर और विषय की समझ पर आधारित
टाई-ब्रेकर उम्र और नाम के पहले अक्षर को प्राथमिकता पहले मुख्य विषय, फिर भाषा के अंक; इसके बाद उम्र और नाम का नियम
दस्तावेज सत्यापन काउंसलिंग के दौरान सत्यापन आवेदन से ज्वाइनिंग तक लाइव फोटो, आधार बायोमेट्रिक और फेसियल सत्यापन
प्रमाणपत्र सत्यापन के समय जांच आरक्षण, NCL और EWS प्रमाणपत्र अंतिम तिथि से पहले का होना जरूरी

TRE 4 में किए गए इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाना बताया जा रहा है। दूसरी ओर, परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध जारी है।

ऐसे में अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि आयोग और आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या सहमति बनती है।

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