पटना: प्याज की बढ़ती कीमतों ने घरों का बजट प्रभावित कर दिया है। पटना के बाजार में जहां प्याज करीब 50 से 55 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, वहीं आम लोगों को राहत देने के लिए अब कम कीमत पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। NCCF की ओर से पटना में 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की बिक्री की जा रही है। इसके लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में मोबाइल बिक्री वाहन लगाए जा रहे हैं। इन वाहनों से ग्राहक बाजार भाव की तुलना में कम कीमत पर प्याज खरीद सकते हैं। हालांकि, सस्ती प्याज की बिक्री के लिए खरीद की मात्रा निर्धारित की गई है।
35 रुपये किलो प्याज से मिलेगी राहत
महंगे प्याज के बीच NCCF यानी नेशनल कोऑपरेटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की पहल से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। मंगलवार को भी पटना के कुछ इलाकों में 35 रुपये किलो की दर से प्याज बेचा गया। अब बुधवार को भी राजधानी के कई प्रमुख स्थानों पर बिक्री वाहन पहुंचेंगे। इन केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक के अनुसार लोगों को निर्धारित कीमत पर प्याज दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बाजार में बढ़ी कीमतों के बीच आम उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराना है।
पटना में कहां मिलेगा 35 रुपये किलो प्याज?
NCCF की ओर से पटना के कई प्रमुख और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल बिक्री केंद्र लगाए जा रहे हैं। फिलहाल जिन स्थानों की जानकारी दी गई है, उनमें शामिल हैं:
- गांधी मैदान के आसपास
- राजेंद्र नगर सब्जी मंडी के पास
- बोरिंग कैनाल रोड चौराहा
- मीठापुर
इन स्थानों के अलावा जरूरत और उपलब्धता के आधार पर दूसरे इलाकों में भी बिक्री वाहन भेजे जा सकते हैं।
एक ग्राहक को मिलेगा अधिकतम 2 किलो प्याज
सस्ती दर पर प्याज खरीदने वालों के लिए मात्रा की सीमा तय की गई है। एक ग्राहक अधिकतम 2 किलो प्याज खरीद सकेगा। यह व्यवस्था इसलिए रखी गई है ताकि सीमित स्टॉक का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। साथ ही, किसी एक व्यक्ति द्वारा बड़ी मात्रा में प्याज खरीदकर स्टॉक करने की संभावना को भी कम किया जा सके। इसलिए अगर आप NCCF के मोबाइल बिक्री केंद्र से प्याज खरीदने जा रहे हैं तो निर्धारित सीमा का ध्यान रखना होगा।
बाजार भाव से कितनी होगी बचत?
पटना के बाजार में प्याज का खुदरा भाव फिलहाल करीब 50 से 55 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है। इसके मुकाबले NCCF की बिक्री कीमत 35 रुपये किलो है। यानी दोनों कीमतों में लगभग 15 से 20 रुपये प्रति किलो का अंतर है। यदि कोई ग्राहक निर्धारित सीमा के तहत 2 किलो प्याज खरीदता है, तो बाजार भाव की तुलना में करीब 30 से 40 रुपये तक की बचत हो सकती है। महंगाई के दौर में रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जी पर यह अंतर घरेलू बजट के लिए राहत दे सकता है।
प्याज के साथ दूसरी सब्जियों की कीमत भी बढ़ी
प्याज की कीमतों में तेजी के साथ कई दूसरी सब्जियों के दाम भी आम उपभोक्ताओं को परेशान कर रहे हैं। इसका असर खासतौर पर उन परिवारों पर पड़ता है, जिनका घरेलू बजट पहले से सीमित है। प्याज भारतीय रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सब्जियों में शामिल है। इसलिए इसकी कीमत में अचानक बढ़ोतरी का असर सीधे खाने-पीने के मासिक खर्च पर दिखाई देता है।
दूसरे शहरों में भी शुरू हो सकती है सस्ती प्याज की बिक्री
NCCF की यह व्यवस्था फिलहाल पटना में उपभोक्ताओं को राहत देने पर केंद्रित है। अधिकारियों के मुताबिक, मांग और उपलब्धता के आधार पर दूसरे शहरों में भी मोबाइल बिक्री वाहन भेजे जा सकते हैं। भोजपुर समेत अन्य इलाकों में भी सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराने की संभावना जताई गई है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में बिक्री की तारीख, स्थान और उपलब्ध स्टॉक के बारे में जानकारी संबंधित स्तर पर तय की जाएगी।



