- बिहार सरकार ने खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए डीजल अनुदान देने का फैसला किया है। किसानों को प्रति एकड़ प्रति सिंचाई ₹750 और अधिकतम ₹2250 प्रति एकड़ तक सहायता मिलेगी।
Patna : खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए बिहार सरकार ने किसानों को डीजल अनुदान देने का फैसला किया है। डीजल पंपसेट से सिंचाई करने वाले किसानों को खरीदे गए डीजल पर प्रति एकड़ प्रति सिंचाई ₹750 की दर से सहायता मिलेगी। योजना के तहत अधिकतम तीन सिंचाई के लिए किसानों को ₹2250 प्रति एकड़ तक अनुदान दिया जाएगा।
धान के बिचड़े और जूट की फसल की अधिकतम दो सिंचाई के लिए किसानों को ₹1500 प्रति एकड़ तक अनुदान मिलेगा। वहीं धान, मक्का, दलहनी-तिलहनी फसलों, मौसमी सब्जियों, औषधीय और सुगंधित पौधों समेत अन्य खरीफ फसलों की अधिकतम तीन सिंचाई के लिए ₹2250 प्रति एकड़ तक सहायता दी जाएगी।
8 एकड़ तक मिलेगा डीजल अनुदान
प्रति किसान अधिकतम 8 एकड़ भूमि के लिए डीजल अनुदान निर्धारित किया गया है। एक परिवार में इस योजना का लाभ केवल एक सदस्य को मिलेगा।
इस योजना के लिए 17 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीजल अनुदान का लाभ रैयत और गैर-रैयत दोनों तरह के किसानों को मिलेगा, बशर्ते वे वास्तव में डीजल पंपसेट से खड़ी फसल की सिंचाई कर रहे हों।
रैयत किसानों के लिए आवेदन के समय लगान रसीद अपलोड करना अनिवार्य है। दूसरे की जमीन पर खेती करने वाले गैर-रैयत किसानों का सत्यापन संबंधित वार्ड सदस्य, वार्ड पार्षद, मुखिया, सरपंच या पंचायत समिति के किसी सदस्य और कृषि समन्वयक के माध्यम से किया जाएगा।
जियो टैगिंग फोटो से होगा सत्यापन
डीजल अनुदान का लाभ लेने के लिए किसानों को सिंचाई करते समय जियो टैगिंग फोटो खींचकर अपलोड करनी होगी। योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो वास्तव में डीजल खरीदकर सिंचाई कर रहे हैं।
कृषि समन्वयक की ओर से भी इसकी जांच की जाएगी। अधिकृत पेट्रोल पंप से डीजल खरीदने के बाद मिली डिजिटल पावती रसीद यानी डिजिटल वाउचर मान्य होगा। इसमें किसान के 13 अंकों वाले पंजीकरण नंबर के अंतिम 10 अंक अंकित होना जरूरी है।
डीजल पावती पर अंगूठे का निशान जरूरी
कृषि विभाग ने डीजल पावती पर किसान का अंगूठे का निशान देना भी अनिवार्य किया है। सत्यापन के समय डीजल खरीद की मूल पावती कृषि समन्वयक को उपलब्ध करानी होगी।
योजना के तहत राज्य के बाहर स्थित पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल पर अनुदान नहीं दिया जाएगा। किसान एक समय में केवल एक ही पटवन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
30 अक्टूबर तक खरीदे गए डीजल पर मिलेगा लाभ
डीजल अनुदान योजना के तहत 30 अक्टूबर 2026 तक सिंचाई के लिए खरीदे गए डीजल को ही मान्य माना जाएगा। किसानों को आवेदन करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास डीजल खरीद और सिंचाई से संबंधित जरूरी दस्तावेज मौजूद हों।
ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा लाभ
कृषि विभाग के अनुसार इस योजना का लाभ केवल ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को मिलेगा। आवेदन और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
अगर आवेदन में छोटी-मोटी त्रुटियों के कारण आवेदन अस्वीकृत हो जाता है, तो किसान उसमें सुधार कर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
कितना मिलेगा डीजल अनुदान?
| फसल/सिंचाई | अनुदान |
|---|---|
| प्रति एकड़ प्रति सिंचाई | ₹750 |
| धान का बिचड़ा और जूट, अधिकतम 2 सिंचाई | ₹1500 प्रति एकड़ |
| धान, मक्का व अन्य खरीफ फसलें, अधिकतम 3 सिंचाई | ₹2250 प्रति एकड़ |
| अधिकतम भूमि सीमा | 8 एकड़ प्रति किसान |





